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JAMSHEDPUR NEWS: भुइयांडीह अतिक्रमण मामले में विधायक पूर्णिमा साहू ने उपायुक्त से की मुलाकात, कहा- पुनर्वास के बिना न हो कार्रवाई

जमशेदपुर: भुइयांडीह अतिक्रमण मामले को लेकर जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा की विधायक पूर्णिमा साहू ने गुरुवार को जिला उपायुक्त राजीव रंजन से मुलाकात कर कल्याणनगर और इंद्रानगर बस्तीवासियों की ओर से पुनर्वास और मानवीय राहत की मांग उठाई। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के वर्ष 2024 के आदेश के अनुपालन में प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में बस्तीवासियों का प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा और संभावित विस्थापन, लगातार हो रही बारिश तथा पुनर्वास व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बारिश के बीच बेघर करना मानवीय नहीं: पूर्णिमा साहू

विधायक पूर्णिमा साहू ने उपायुक्त के समक्ष कहा कि वर्तमान समय में जमशेदपुर में लगातार हो रही बारिश के दौरान हजारों लोगों को बेघर करना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं होगा। उन्होंने आग्रह किया कि प्रभावित परिवारों के लिए पहले समुचित पुनर्वास व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी परिवार को खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर न होना पड़े।

NGT के अंतिम आदेश की प्रति आने तक जल्दबाजी नहीं

पूर्णिमा साहू ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण में 29 जुलाई 2026 को अंतिम सुनवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन आदेश की प्रति अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अंतिम आदेश की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हुए बिना किसी प्रकार की प्रशासनिक जल्दबाजी उचित नहीं होगी। विधायक ने उपायुक्त से आग्रह किया कि आदेश की प्रति उपलब्ध होने और उसका अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।

उपायुक्त ने आदेश की प्रति का इंतजार होने की बात कही

जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने बैठक के दौरान कहा कि जिला प्रशासन भी NGT के अंतिम आदेश की प्रति की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेश उपलब्ध होने और उसका विधिवत अध्ययन करने के बाद ही आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी। इससे संकेत मिला कि प्रशासन अंतिम आदेश के आधार पर ही निर्णय लेने की प्रक्रिया अपनाएगा।

जरूरत पड़ी तो कोर्ट भी जाएंगे: पूर्णिमा साहू

मीडिया से बातचीत में पूर्णिमा साहू ने कहा कि वे भुइयांडीह, कल्याणनगर और इंद्रानगर के बस्तीवासियों के साथ अंतिम समय तक खड़ी रहेंगी। उन्होंने बताया कि यह मामला वर्ष 2023 से चल रहा है और हाल ही में जारी नोटिस झारखंड पब्लिक लैंड इंक्रोचमेंट एक्ट की धारा-6 के तहत अंतिम नोटिस है। विधायक ने कहा कि NGT का आदेश सार्वजनिक होने के बाद उसका विस्तृत कानूनी अध्ययन किया जाएगा और यदि आवश्यक हुआ तो प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।

बैठक में विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव तथा कल्याणनगर और इंद्रानगर बस्ती के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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