
जमशेदपुर: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा रविवार (21 जून) को आयोजित होने वाली NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा (Re-Exam) को लेकर धालभूम अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह से ‘अलर्ट मोड’ पर आ गया है। परीक्षा को अत्यंत शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अर्नव मिश्रा ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है।
शनिवार रात 10 बजे से पाबंदी शुरू, जानें टाइमिंग
जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह निषेधाज्ञा 20 जून (शनिवार) की रात 10:00 बजे से ही प्रभावी हो गई है, जो 21 जून (रविवार) की रात 9:00 बजे तक लगातार लागू रहेगी। सामान्य परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि दिव्यांग (PwD) अभ्यर्थियों को शाम 6:15 बजे तक का समय मिलेगा।
केंद्र के बाहर 5 लोगों के जुटने और गैजेट्स पर पूर्ण बैन
एसडीओ अर्नव मिश्रा द्वारा जारी सख्त गाइडलाइंस के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के परिधि क्षेत्र में निम्नलिखित गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा:
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इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ या किसी भी तरह के अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग या उन्हें साथ रखना।
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नकल सामग्री: परीक्षा में अनुचित लाभ के लिए किताब, नोट्स, पर्चे या ‘चिट’ का इस्तेमाल करना।
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भीड़ और नारेबाजी: केंद्र के बाहर 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का समूह बनाकर खड़े होना, नारेबाजी करना या किसी प्रकार का भाषण देना।
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हथियार एवं शोर-शराबा: लाठी, चाकू या आग्नेयास्त्रों का प्रदर्शन। साथ ही 200 मीटर के क्षेत्र में लाउडस्पीकर बजाने और पटाखे फोड़ने पर भी सख्त रोक।
नियम तोड़ने पर BNS की धारा 223 के तहत होगी जेल
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पाबंदी परीक्षा में शामिल होने वाले वैध प्रवेश-पत्र (Admit Card) धारी छात्रों और परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए अधिकृत कर्मियों पर लागू नहीं होगी। इसके अलावा यदि कोई भी बाहरी व्यक्ति या अभिभावक इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
अभिभावकों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों, उनके परिजनों और जमशेदपुर के आम नागरिकों से इस राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष संचालन में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन ने अभिभावकों को हिदायत दी है कि वे अपने बच्चों को सेंटर पर छोड़ने के बाद वहां भीड़ न लगाएं और 200 मीटर की सीमा से बाहर रहें।
