जमशेदपुर।
पूर्वी सिंहभूम जिले के किसानों के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। यहाँ की उपजाऊ मिट्टी में पैदा हुए गुणवत्तापूर्ण और स्वादिष्ट आम अब सात समंदर पार अपनी मिठास बिखेरने को तैयार हैं। जिले से उत्पादित आमों की पहली अंतरराष्ट्रीय खेप आधिकारिक तौर पर लंदन (यूके) के लिए रवाना कर दी गई है। यह कदम स्थानीय कृषि उत्पादों को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ी छलांग माना जा रहा है।
एपीडा (APEDA) और एफपीओ का अहम रोल
इस बड़ी कामयाबी के पीछे एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (एपीडा) का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। एपीडा द्वारा सुगम बनाए गए इस वाणिज्यिक प्रेषण के तहत लगभग डेढ़ टन आमों का सफलतापूर्वक निर्यात किया गया है।
इन आमों का संकलन और आपूर्ति जिले के किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के सख्त नियमों को ध्यान में रखते हुए, निर्यात के लिए चयनित इन आमों की गुणवत्ता जांच, ग्रेडिंग और पैकेजिंग पूरी तरह से निर्धारित वैश्विक मानकों के अनुरूप की गई है ताकि विदेश में इसकी बेहतरीन साख बन सके।
उपायुक्त राजीव रंजन ने दिखाई हरी झंडी
जिले के उपायुक्त राजीव रंजन ने समाहरणालय परिसर से आमों से लदे ट्रक को नजदीकी पोर्ट के लिए विधिवत हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उपायुक्त ने इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित कृषि उपज का अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचना, किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र को एक नई और आधुनिक दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगा।
उपायुक्त ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, वैज्ञानिक खेती और निर्यात मानकों के सही अनुपालन के माध्यम से जिले के अन्य कृषि और बागवानी उत्पादों के लिए भी वैश्विक बाजार के नए दरवाजे खोले जाएंगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को मिलेगा नया बल
इस नई और सफल पहल से जिले के आम उत्पादक किसानों को न केवल अपनी उपज का पहले से कहीं बेहतर मूल्य मिलेगा, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा। प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी कृषि और बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी।
इस ऐतिहासिक अवसर पर उप विकास आयुक्त, एपीडा के प्रतिनिधि, जेएसएलपीएस (JSLPS) के डीपीएम, किसान उत्पादक संगठन के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित अधिकारी प्रमुखता से उपस्थित रहे।
