जमशेदपुर।
जिले में संचालित विकास योजनाओं और आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। उपायुक्त श्री राजीव रंजन के निर्देशानुसार सभी प्रखंडों एवं नगर निकाय क्षेत्रों में नामित नोडल पदाधिकारियों ने विभिन्न पंचायतों और शहरी इलाकों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान अधिकारियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानना और लाभुकों तक सुविधाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना था।
आंगनबाड़ी, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण
निरीक्षण अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी विद्यालय, स्वास्थ्य उपकेंद्र, प्रज्ञा केंद्र, जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानें, मनरेगा कार्यस्थल और पंचायत भवनों का दौरा किया गया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों से योजनाओं के संचालन की जानकारी ली और स्थानीय ग्रामीणों व लाभुकों से सीधे संवाद कर जमीनी स्थिति को समझा।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और महिलाओं को दिए जा रहे पोषाहार वितरण की समीक्षा की गई। वहीं विद्यालयों में पठन-पाठन की स्थिति, छात्रों की उपस्थिति और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया गया। स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जांच की गई।
कई पंचायतों और नगर निकायों में चला अभियान
अभियान के दौरान बोड़ाम प्रखंड के लायलम पंचायत, धालभूमगढ़ के कोकपाड़ा पंचायत, घाटशिला के बाघुड़िया पंचायत, मुसाबनी के धोबनी पंचायत, बहरागोड़ा के मुटुरखाम पंचायत, गोलमुरी-सह-जुगसलाई प्रखंड के बंयागबिल पंचायत, पोटका के तेंतला पंचायत, चाकुलिया के माटियाबांधी पंचायत, डुमरिया के केंदुआ पंचायत तथा गुड़ाबांदा के भालकी पंचायत सहित विभिन्न नगर निकाय क्षेत्रों में निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने जन वितरण प्रणाली की दुकानों में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की भी जांच की और लाभुकों से राशन वितरण की पारदर्शिता को लेकर जानकारी प्राप्त की।
समयबद्ध समाधान के दिए निर्देश
उपायुक्त राजीव रंजन ने सभी नोडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों और समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह के नियमित निरीक्षण से योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार होगा और आम लोगों को सरकारी सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
