जमशेदपुर। भुइयांडीह के कल्याण नगर और इंद्रानगर क्षेत्र में प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रभावित परिवारों की चिंता के बीच जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के वर्ष 2024 के आदेश के अनुपालन में जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार विधायक से एग्रीको स्थित उनके कार्यालय में मिले और बरसात के मौसम में बेदखली रोकने की अपील की।
उपायुक्त से तत्काल वार्ता, कार्रवाई स्थगित करने का आग्रह
प्रभावित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए पूर्णिमा साहू ने जिला उपायुक्त राजीव रंजन से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही वर्षा के बीच किसी भी गरीब परिवार का आशियाना उजाड़ना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है। विधायक ने आग्रह किया कि भुइयांडीह में प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को तत्काल स्थगित किया जाए और प्रभावित परिवारों को पर्याप्त समय दिया जाए।
145 परिवारों के दस्तावेज सत्यापन और PMAY से जोड़ने की मांग
विधायक ने विशेष रूप से उन 145 परिवारों का उल्लेख किया जिन्हें प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने उपायुक्त से कहा कि इन परिवारों के दस्तावेजों का शीघ्र सत्यापन कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) से जोड़ा जाए और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी प्रकार की बेदखली न की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीबों को छत उपलब्ध कराना है, इसलिए बिना वैकल्पिक व्यवस्था के किसी का घर उजाड़ना उचित नहीं होगा।
कल्याण नगर और इंद्रानगर पहुंचकर सुनी लोगों की पीड़ा
बुधवार शाम पूर्णिमा साहू स्वयं भुइयांडीह के कल्याण नगर और इंद्रानगर नदी किनारे मुर्गापारा पहुंचीं और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और मजदूर परिवारों की समस्याएं सुनीं तथा वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में किसी भी गरीब परिवार को खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उठाएंगी मामला
पूर्णिमा साहू ने कहा कि यदि प्रशासनिक स्तर पर संतोषजनक समाधान नहीं निकलता है तो वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराएंगी। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देशों का पालन भी आवश्यक है, लेकिन वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों के जीवन और आजीविका की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से अंचल अधिकारी और जमशेदपुर अक्षेस के नगर आयुक्त के साथ तत्काल बैठक कर व्यावहारिक समाधान निकालने का आग्रह किया।
इस दौरान विधायक ने भुइयांडीह के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को भी उपायुक्त से मिलने भेजा, ताकि प्रशासन प्रभावित परिवारों की समस्याओं से सीधे अवगत हो सके और राहत तथा सम्मानजनक पुनर्वास की दिशा में शीघ्र निर्णय लिया जा सके।