जमशेदपुर। जमशेदपुर के को-ऑपरेटिव कॉलेज के प्रांगण में पूर्व छात्र नेताओं का मिलन समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर विभिन्न छात्र संगठनों के पूर्व नेताओं ने एक-दूसरे से मुलाकात की और कॉलेज के दिनों की पुरानी यादों को ताजा किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी नेताओं ने एक स्वर में इस बात को व्यक्त किया कि वर्तमान में छात्र राजनीति काफी थम सी गई है, जिसके कारण महाविद्यालय और विश्वविद्यालय प्रशासन में छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीरता की कमी नजर आती है।
पूर्व छात्र नेताओं ने बताया कि छात्र राजनीति के सक्रिय होने से महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में बेहतर प्रशासन और छात्रों के लिए सुविधाओं में सुधार संभव हो पाता था। उन्होंने कहा कि यदि छात्र राजनीति को एक बार फिर से सशक्त किया जाए तो यह न केवल छात्रों की समस्याओं को हल करने में मदद करेगा, बल्कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर पूर्व छात्र नेताओं ने यह भी कहा कि महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के विकास के लिए वे सभी मिलकर कार्य करने के लिए तैयार हैं, ताकि इन संस्थाओं की शिक्षा गुणवत्ता और छात्र हितों को सर्वोपरि रखा जा सके। पूर्व छात्र नेताओं ने कहा कि जमशेदपुर के महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और छात्र हितों पर पहले जो जोर था, वह अब थोड़ा कम हो गया है, लेकिन आशा व्यक्त की कि इस कमी को दूर कर इन संस्थाओं को पुनः गौरव प्रदान किया जा सकता है।
इस मिलन समारोह में विद्यार्थी परिषद, एन.एस.यू.आई, संयुक्त छात्र संघ, झारखंड छात्र मोर्चा जैसे प्रमुख छात्र संगठनों के नेता उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. राकेश कुमार पाण्डेय, रविरंजन सिंह चंदेल, परविंदर सिंह, आशुतोष सिंह, सोनू सिंह, फिरोज खान, राजेश सिंह, आशुतोष पाण्डेय, गौतम दुबे, उमेश शुक्ला, प्रताप यादव, महिंदर यादव, सुरिंदर, रोशन सिंह, करण सिंह, महेश साहू, जावेद, विद्या नंद आदि प्रमुख नेता शामिल हुए।
पूर्व छात्र नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि छात्र राजनीति का सशक्त होना छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, और इसके माध्यम से ही विश्वविद्यालयों के प्रशासन में पारदर्शिता और छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
