
जमशेदपुर।
पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने आम लोगों से संयम बरतने की अपील की है। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है। प्रशासन ने कहा कि पैनिक बाइंग यानी अफरातफरी में खरीदारी के कारण हाल के दिनों में पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक दबाव बढ़ा है।
समाहरणालय में हुई अहम बैठक
समाहरणालय सभागार में जिला प्रशासन, तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों, पेट्रोल पंप संचालकों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में इंडियन ऑयल, एचपी, भारत पेट्रोलियम और जियो के एरिया मैनेजर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता, सप्लाई चेन और उपभोक्ताओं के बीच फैल रही अफवाहों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बीते दो दिनों में सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुनी बिक्री दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण लोगों के बीच फैला भ्रम है।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोग किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल और डीजल खरीदें ताकि सभी उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से ईंधन उपलब्ध हो सके।
उन्होंने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया कि वे बोतल या अन्य कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री नहीं करें, ताकि सुरक्षा जोखिम और दुरुपयोग को रोका जा सके।
सोशल मीडिया की अफवाहों से बचने की सलाह
वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्थित तरीके से वाहन खड़े करने से यातायात और कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।
तेल कंपनियों ने दिया भरोसा
तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बैठक में साफ कहा कि जिले में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सप्लाई भी सुनिश्चित की जा रही है।
प्रशासन ने सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर, यू-ट्यूबर और मीडिया संस्थानों से भी अपील की कि वे भ्रामक खबरों के प्रसार से बचें और लोगों तक सही एवं तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाएं।
