Site icon Lahar Chakra

JAMSHEDPUR NEWS: उत्कल एसोसिएशन विवाद में एस. के. बेहेरा ने संरक्षक पद से दिया इस्तीफा, चुनाव प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल

जमशेदपुर / आदित्यपुर: उत्कल एसोसिएशन में आगामी 9 तारीख को होने वाले चुनाव से पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। संस्था के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच एसोसिएशन के संरक्षक और प्रमुख उद्योगपति एस. के. बेहेरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 50 वर्षों के बेदाग सार्वजनिक जीवन का हवाला देते हुए बेहेरा ने स्पष्ट किया कि किसी भी सामाजिक संस्था में वैचारिक मतभेद और टकराव संस्था के हित में नहीं हैं। संस्था की गरिमा और अपने सिद्धांतों की रक्षा के लिए उन्होंने खुद को इससे अलग करने का यह कठिन निर्णय लिया है।

भावुक होकर कहा— ‘बच्चों का माता-पिता को वृद्धाश्रम भेजने जैसा’

पत्रकारों से बातचीत के दौरान एस. के. बेहेरा काफी भावुक नजर आए। इस्तीफा देने की अपनी पीड़ा को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “जिस प्रकार कुछ बच्चे अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम भेज देते हैं, आज मुझे भी इस संस्था में वैसी ही उपेक्षा और आघात का अनुभव हो रहा है।” उनका यह बयान एसोसिएशन के भीतर चल रही गुटबाजी और पुराने सदस्यों की उपेक्षा की ओर सीधा इशारा करता है।

109 नए सदस्यों को वोटिंग अधिकार देने पर आपत्ति

विवाद की मुख्य जड़ नए सदस्यों के मतदान अधिकार को लेकर है। बेहेरा ने चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए सुझाव दिए थे, लेकिन वार्षिक आम बैठक (AGM) में एकतरफा निर्णय लेते हुए अचानक बनाए गए 109 नए सदस्यों को तुरंत वोटिंग का अधिकार दे दिया गया। बेहेरा ने कहा कि वे नए सदस्यों का स्वागत करते हैं, लेकिन बिना एक्जीक्यूटिव कमिटी में पास कराए उन्हें तत्काल वोटिंग राइट देना निष्पक्ष चुनाव पर सवालिया निशान लगाता है। उन्होंने सुझाव दिया था कि नए सदस्यों की उचित जांच के लिए चुनाव को 3 महीने के लिए टाला जाए या नए सदस्यों को 2 वर्ष बाद मतदान का अधिकार मिले।

एसडीएम की आपत्ति और हाई कोर्ट तक पहुंचा मामला

इस चुनाव प्रक्रिया और नए सदस्यों की वैधता पर स्थानीय अनुमंडल अधिकारी (SDO) द्वारा पहले ही आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है। यह मामला आईजी रजिस्ट्रेशन के पास भी भेजा गया है। इसके अलावा, चुनाव में निष्पक्षता की मांग करते हुए एसोसिएशन के कुछ सदस्यों ने झारखंड हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। हालांकि, बेहेरा ने संकेत दिया कि यदि दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद सुलझा लें और संस्था में सौहार्द्रपूर्ण माहौल बने, तो वे इस्तीफा वापस ले सकते हैं।

औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे पर जोर

एसोसिएशन विवाद के अलावा एस. के. बेहेरा ने आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में जर्जर सड़कों और खराब बुनियादी ढांचे पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा राज्य में उद्योग जगत को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, कोल्हान क्षेत्र के लोगों के लिए किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अपने नए प्रोजेक्ट ‘पद्मावती देवी मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल’ के जल्द शुरू होने की जानकारी दी।

Exit mobile version