
जमशेदपुर : Jharkhand सरकार द्वारा बालू घाटों की लीज प्रक्रिया को सरल बनाए जाने के बाद Purbi Singhbhum district में भी बालू संकट दूर होने की उम्मीद बढ़ गई है। जिले में बालू घाटों के संचालन की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपायुक्त Rajiv Ranjan द्वारा बालू घाटों के संविद का निष्पादन किया गया, जिससे जिले में वैध तरीके से बालू उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है।
दो प्रमुख बालू घाटों का हुआ संविद निष्पादन
उपायुक्त कार्यालय में हुए इस संविद निष्पादन कार्यक्रम में जिला खनन पदाधिकारी और सफल बोलीदाता कंपनी Godavari Commodities Ltd. के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिन बालू घाटों का संविद निष्पादित किया गया है, उनमें कोरिया मोहनपाल बालू घाट (34.70 हेक्टेयर) तथा कोरिया मोहनपाल एवं स्वर्णरेखा बालू घाट (46.30 हेक्टेयर) शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि इन घाटों के शुरू होने से जिले में लंबे समय से चली आ रही बालू की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
ई-नीलामी प्रक्रिया पहले ही हो चुकी थी पूरी
जानकारी के अनुसार पूर्वी सिंहभूम जिले के कुल पांच बालू घाटों की ई-नीलामी पहले ही की जा चुकी थी। इसमें Group-A के सफल बोलीदाता के रूप में Godavari Commodities Ltd. तथा Group-B के लिए S. G Projects Pvt. Ltd. का चयन किया गया था।
प्रशासन ने बताया कि बाकी तीन बालू घाटों के लिए आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया जारी है और उनके भी जल्द शुरू होने की संभावना है। इससे जिले में निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता और बेहतर हो सकेगी।
आम लोगों और निर्माण कार्यों को होगा फायदा
जिले में वैध बालू घाटों के संचालन शुरू होने से आम लोगों को आसानी से निर्धारित दरों पर बालू उपलब्ध हो सकेगा। वर्तमान में बालू की कमी के कारण कई निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे और लोगों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही थी।
प्रशासन का मानना है कि बालू घाट शुरू होने के बाद भवन निर्माण, सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही अवैध खनन और अवैध बालू परिवहन पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।
अवैध कारोबार पर लगेगी रोक
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बालू घाटों के संचालन से न सिर्फ राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि अवैध खनन माफियाओं पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा। वैध व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रांसपोर्टिंग और बिक्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
प्रशासन द्वारा आगे भी शेष घाटों की प्रक्रिया पूरी कर जल्द संचालन शुरू कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि जिले में बालू की उपलब्धता सुचारू रूप से बनी रहे।
