
जमशेदपुर। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत केंद्रीय बजट का सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) ने स्वागत करते हुए इसे आर्थिक अनुशासन, आत्मनिर्भर भारत, आधारभूत संरचना विकास और जनकल्याण की दिशा में एक संतुलित एवं दूरदर्शी बजट बताया है। चैम्बर का मानना है कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ व्यापार और उद्योग जगत के लिए नए अवसर पैदा करेगा।
चैम्बर भवन में बजट का लाइव टेलीकास्ट
इस अवसर पर बिष्टुपुर स्थित चैम्बर भवन में केंद्रीय बजट का लाइव टेलीकास्ट आयोजित किया गया, जिसमें SCCI के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने वित्त मंत्री के बजट भाषण को ध्यानपूर्वक सुना और इसके विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। सदस्यों ने बजट को समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
राजकोषीय घाटे में कमी उत्साहजनक
SCCI ने कहा कि भारत जैसे विकासशील देश के लिए राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) में कमी एक सकारात्मक संकेत है। वित्तीय घाटे का 4.5 प्रतिशत से घटकर 4.4 प्रतिशत होना और आने वाले वर्ष में इसे 4.3 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य यह दर्शाता है कि सरकार जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन की ओर आगे बढ़ रही है। इससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बल
चैम्बर ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने की नीति की सराहना की। SCCI का मानना है कि इससे घरेलू उद्योगों को मजबूती मिलेगी, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और MSME सेक्टर को नई गति प्राप्त होगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर
बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को लेकर किए गए प्रावधानों को SCCI ने सराहा। सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की प्रस्तावना से व्यापारिक आवागमन सुगम होगा, लॉजिस्टिक्स मजबूत होंगे और पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य और कर सुधार पर सराहना
स्वास्थ्य क्षेत्र में रांची और तेजपुर में मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना एवं उन्नयन की घोषणा को चैम्बर ने जनहितकारी कदम बताया। वहीं, संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च किए जाने के प्रस्ताव को करदाताओं के लिए राहतकारी बताया गया।
निवेशकों और मरीजों को राहत
हालांकि F&O पर STT में वृद्धि से ट्रेडर्स पर असर पड़ सकता है, लेकिन SCCI ने इसे अनावश्यक सट्टेबाजी पर नियंत्रण और छोटे निवेशकों की सुरक्षा की दिशा में आवश्यक कदम बताया। इसके साथ ही 17 कैंसर दवाओं पर आयात शुल्क हटाने के फैसले को अत्यंत संवेदनशील और मानवीय निर्णय करार दिया गया, जिससे इलाज की लागत कम होगी।
विकसित भारत की ओर मजबूत कदम
अंत में SCCI ने विश्वास जताया कि यह बजट व्यापार-उद्योग, MSME, निवेश, रोजगार सृजन और समावेशी विकास को नई दिशा देगा और “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
