
जमशेदपुर. जिले के अन्य जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और कैदियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की स्थिति जांचने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (डीसी) राजीव रंजन की अध्यक्षता में कारा सुरक्षा (जेल सिक्योरिटी) को लेकर एक अहम उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले की तीन प्रमुख जेलों- केंद्रीय कारा घाघीडीह, मंडल कारा साकची और उपकारा घाटशिला की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था, वहां की आधारभूत संरचना और जेल संचालन से जुड़े तमाम पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया गया।
घाघीडीह जेल में दूर होगी पेयजल की किल्लत
बैठक के दौरान केंद्रीय कारा घाघीडीह में बंदियों को हो रही पेयजल समस्या का मुद्दा प्रमुखता से उठा। उपायुक्त राजीव रंजन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि घाघीडीह जेल परिसर में खराब पड़े चापाकलों (हैंडपंप) की तुरंत मरम्मत कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर कोई समझौता नहीं होगा और पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए जो भी आवश्यक तकनीकी कदम हैं, वे जल्द से जल्द उठाए जाएं। डीसी ने कहा कि कारा परिसरों में मूलभूत सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता प्रशासन की प्राथमिकता है।
सुरक्षा में कोताही बर्दाश्त नहीं, निगरानी तंत्र होगा मजबूत
मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ जेल परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर मजबूत बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में जेल के भीतर और बाहर की निगरानी व्यवस्था, वॉच टावरों की चौबीसों घंटे सक्रियता, नियमित पेट्रोलिंग और औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) को लेकर नई रणनीति तय की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जेल की सुरक्षा में तैनात विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय होना चाहिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि कारा सुरक्षा एक अत्यंत संवेदनशील विषय है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
कैदियों की सुरक्षा और अनुशासन पर जोर
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को जेल मैनुअल और सुरक्षा मानकों का लगातार और कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, कारा परिसरों में कड़ा अनुशासन बनाए रखना और जेल की अंदरूनी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करना है। इससे जेल प्रबंधन प्रभावी और पूरी तरह से व्यवस्थित ढंग से काम कर सकेगा।
समीक्षा बैठक में इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
कारा सुरक्षा से जुड़ी इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिले के पुलिस और प्रशासन के कई वरीय अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से रूरल एसपी, एसडीएम धालभूम, एएसपी, डीटीओ, एसडीओ धालभूम, एसडीपीओ घाटशिला, डीएसपी मुख्यालय और तीनों जेलों (घाघीडीह, साकची, घाटशिला) के कारा अधीक्षक सहित अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
