
जमशेदपुर–आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में एलपीजी यानी वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति में आ रही गंभीर बाधा को लेकर Singhbhum Chamber of Commerce and Industry (SCCI) ने देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।चैंबर का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों को वाणिज्यिक एलपीजी की नियमित आपूर्ति नहीं होने से उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
पूर्वी भारत का प्रमुख औद्योगिक केंद्र
चैंबर के अध्यक्ष Manav Kedia ने कहा कि जमशेदपुर–आदित्यपुर क्षेत्र पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों में से एक है। यहां बड़ी संख्या में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) संचालित हो रहे हैं।इन उद्योगों में वेल्डिंग, ब्रेजिंग, मेटल कटिंग, फोर्जिंग, हीट ट्रीटमेंट, कास्टिंग और अन्य इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं के लिए वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का व्यापक उपयोग होता है।
देश में एलपीजी खपत का आंकड़ा
चैंबर के अनुसार देश में एलपीजी की कुल खपत लगभग 31 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। इसमें से लगभग 84 से 87 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग किया जाता है, जबकि केवल 13 से 16 प्रतिशत ही वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्र में इस्तेमाल होता है।
ऐसे में यदि उद्योगों के लिए सीमित मात्रा में एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है, तो घरेलू आपूर्ति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन औद्योगिक उत्पादन को प्रभावित होने से बचाया जा सकता है।
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की अहम भूमिका
चैंबर ने बताया कि Adityapur Industrial Area झारखंड का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, जो लगभग 3200 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यहां 1200 से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं।ये इकाइयां ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उत्पादन पर पड़ सकता है असर
चैंबर के उद्योग उपाध्यक्ष Harsh Bankrewal ने कहा कि हाल के दिनों में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देशों के कारण कई औद्योगिक इकाइयों को वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके कारण कई इकाइयों को उत्पादन कम करना पड़ रहा है या काम अस्थायी रूप से बंद करने की स्थिति बन रही है, जिससे हजारों श्रमिकों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
जल्द समाधान की मांग
चैंबर के महासचिव Punit Kauntia ने कहा कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो इसका सीधा असर औद्योगिक उत्पादन, आपूर्ति श्रृंखला और स्थानीय रोजगार पर पड़ेगा।
चैंबर ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिया जाए कि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की न्यूनतम और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कई अधिकारियों को भेजी गई पत्र की प्रतिलिपि
चैंबर ने इस पत्र की प्रतिलिपि Hardeep Singh Puri, Hemant Soren और पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को भी भेजी है, ताकि इस महत्वपूर्ण विषय पर शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
