
जमशेदपुर: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित होने वाले ‘मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR)-2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। रविन्द्र भवन सभागार में जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और मतदाताओं की सहायता के लिए नामित वॉलंटियर्स का एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी राजीव रंजन ने कार्यक्रम का निरीक्षण किया और सभी प्रतिभागियों को पूरी पारदर्शिता व प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया।
30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा महाअभियान
जिला निर्वाचन पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि जिले के प्रत्येक मतदान केंद्र पर वॉलंटियर्स को संबंधित बीएलओ के साथ टैग किया गया है। 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस एक महीने के विशेष अभियान में ये वॉलंटियर्स बीएलओ के साथ मिलकर मैदानी स्तर पर काम करेंगे। इनका मुख्य लक्ष्य ‘अनट्रेस्ड’ (पता न चलने वाले) मतदाताओं की पहचान कर उनका भौतिक सत्यापन करना है। इसके साथ ही वॉलंटियर्स घर-घर जाकर नागरिकों से संपर्क करेंगे और प्रपत्र भरने से लेकर दस्तावेजों की औपचारिकता पूरी करने में उनका उचित मार्गदर्शन करेंगे।
वंचित मतदाताओं की सूचना सीधे अधिकारियों तक पहुंचेगी
प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया गया कि यदि एसआईआर प्रक्रिया में किसी योग्य नागरिक या प्रवासी श्रमिक को कोई कठिनाई आती है, तो वॉलंटियर्स उसकी पहचान कर तत्काल बीएलओ, एईआरओ, ईआरओ और जिला निर्वाचन पदाधिकारी को सूचित करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। अधिकारियों ने वॉलंटियर्स को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, बीमार व्यक्तियों और कमजोर वर्ग के मतदाताओं को प्राथमिकता के आधार पर सहयोग प्रदान करें।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग की दी गई तकनीकी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण सत्र में वॉलंटियर्स को मतदाता सूची के सत्यापन की बारीकियों, जरूरी दस्तावेजों की सूची और निर्वाचन आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म के सही इस्तेमाल की तकनीकी जानकारी दी गई। इस मौके पर उपस्थित उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रियंका सिंह ने भी प्रशिक्षणार्थियों को उनके कर्तव्यों का बोध कराया। उन्होंने सभी से आपसी तालमेल के साथ इस राष्ट्रीय कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने की अपील की, ताकि आगामी चुनावों के लिए एक त्रुटिरहित और स्वच्छ मतदाता सूची तैयार की जा सके।
