Site icon Lahar Chakra

JAMSHEDPUR NEWS: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में उद्यमिता पर खास सत्र, छात्राओं ने सीखे स्टार्टअप और इनोवेशन के गुर

जमशेदपुर।

आज के इस आधुनिक और प्रतिस्पर्धी युग में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी कामयाबी का परचम लहरा रही हैं और व्यापार जगत भी इससे अछूता नहीं है। इसी कड़ी में छात्राओं को स्वरोजगार और उद्यमिता (Entrepreneurship) के प्रति जागरूक व प्रेरित करने के उद्देश्य से जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय (JWU) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल की है। 28 अप्रैल, 2026 को विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. एला कुमार के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में एक विशेष ऑनलाइन सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का मुख्य विषय “बाधाओं को तोड़ना: 21वीं सदी में उद्यमिता को पुनर्परिभाषित करने वाली महिलाएं” रखा गया था।

बिष्टुपुर परिसर में हुआ सफल आयोजन

इस ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के बिष्टुपुर स्थित परिसर में किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के भीतर छिपी व्यावसायिक प्रतिभा को निखारना, उनके डर को दूर करना और उन्हें भविष्य के लिए एक सफल महिला उद्यमी के रूप में तैयार करना था। यह आयोजन मुख्य रूप से उन छात्राओं के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ, जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने और समाज में ‘जॉब सीकर’ की जगह ‘जॉब क्रिएटर’ बनने का विजन रखती हैं।

कैंपस कैटालिस्ट की डॉ. स्वेता वर्मा ने किया मार्गदर्शन इस विशेष ऑनलाइन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में ‘कैंपस कैटालिस्ट कंसल्टिंग’ की संस्थापक निदेशक डॉ. स्वेता वर्मा को आमंत्रित किया गया था। डॉ. स्वेता वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए 21वीं सदी में महिलाओं के सामने आने वाली व्यावसायिक चुनौतियों, सामाजिक रूढ़ियों और उन बाधाओं को तोड़कर मजबूती से आगे बढ़ने के सटीक तरीके साझा किए। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए बताया कि कैसे आज की महिलाएं पारंपरिक दायरों से बाहर निकलकर व्यापार जगत में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।

स्टार्टअप और इनोवेशन यात्रा पर विशेष फोकस

पूरे कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप (Start-up) और इनोवेशन यात्रा (Innovation Journey) जैसे समसामयिक और बेहद जरूरी विषयों पर गहराई से चर्चा की गई। डॉ. स्वेता वर्मा ने किताबी ज्ञान से परे हटकर छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान (Practical Knowledge) प्रदान किया, जिससे वे व्यापार जगत की वास्तविक और जमीनी चुनौतियों को आसानी से समझ सकें। उन्होंने एक सामान्य विचार (Idea) को एक सफल बिजनेस मॉडल में बदलने तक के सफर पर विस्तार से प्रकाश डाला। यह ज्ञान छात्राओं के लिए भविष्य में स्वरोजगार स्थापित करने और बाजार में अपनी जगह पक्की करने में काफी मददगार साबित होगा।

150 से अधिक छात्राओं और शिक्षकों की रही सक्रिय भागीदारी

इस महत्वपूर्ण सत्र में विश्वविद्यालय के व्यावसायिक विभाग (Vocational Department) की लगभग 150 से अधिक छात्राओं ने पूरे उत्साह और जिज्ञासा के साथ हिस्सा लिया। इसके साथ ही, कार्यक्रम में दो प्रमुख संकाय सदस्यों, डॉ. भारती वार्ष्णेय और डॉ. रितेश कुमार ठाकुर ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। शिक्षकों और विशेषज्ञों के आपसी संवाद ने इस शैक्षणिक व व्यावसायिक विमर्श को और अधिक सार्थक बना दिया। यह सत्र जमशेदपुर में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Exit mobile version