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JAMSHEDPUR NEWS: जमशेदपुर में बढ़ते अपराध के खिलाफ जोरदार ‘बंद’, सांसद विद्युत वरण महतो बोले- शहर बन गया है ‘क्राइम जोन’

जमशेदपुर: झारखंड की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले जमशेदपुर में लगातार बढ़ रहे अपराध और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के विरोध में महानगर इकाई द्वारा शुक्रवार को बुलाए गए ‘बंद’ का व्यापक और ऐतिहासिक असर देखने को मिला। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक, हर जगह सन्नाटा पसरा रहा। सड़क पर उतरकर इस उग्र आंदोलन और बंद का नेतृत्व कर रहे सांसद विद्युत वरण महतो ने राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है।

छह-सात वर्षों में तेजी से बढ़ा अपराध का ग्राफ

बंद के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि पिछले छह-सात वर्षों में जमशेदपुर में अपराध का ग्राफ बेहद तेजी से बढ़ा है। आज शहर में हत्या, लूट और छिनतई जैसी घटनाएं आम हो गई हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने हाल ही में पुलिस की मौजूदगी के सामने हुई हिमांशु की जघन्य हत्या को प्रशासन की सबसे बड़ी विफलता बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।

मानगो में जमीन विवाद और हत्याओं पर चिंता

शहर के संवेदनशील इलाकों का जिक्र करते हुए सांसद ने मानगो क्षेत्र की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मानगो इलाके में जमीन विवाद को लेकर हाल के दिनों में चार से पांच हत्याएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन अपराधियों पर नकेल कसने में पूरी तरह नाकाम साबित रहा है।

व्यापारियों और आम जनता का मिला भरपूर समर्थन

सांसद महतो ने बताया कि जमशेदपुर की आम जनता और विभिन्न व्यापारिक कमेटियों ने इस बंद का स्वेच्छा से समर्थन किया है। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस जन-आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। इस ऐतिहासिक बंद को सफल बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता एक दिन पहले से ही घर-घर जाकर सघन जनसंपर्क अभियान चला रहे थे, जिसका असर सड़कों पर स्पष्ट दिखाई दिया।

‘सरकार नहीं चेती तो होंगे उग्र आंदोलन’: आगे की रणनीति

बंद के प्रभाव और भविष्य की रणनीति के सवाल पर सांसद ने दो टूक कहा, “इस बंद का मुख्य उद्देश्य गहरी नींद में सोई हुई राज्य सरकार को जगाना है, ताकि कानून-व्यवस्था दुरुस्त हो सके। यदि सरकार अब भी नहीं चेती और अपराध पर नियंत्रण नहीं हुआ, तो जनता के हित में आंदोलन के और भी कई उग्र रास्ते खुले हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड में नए निवेश को आकर्षित करने और आम लोगों के चैन से जीने के लिए कानून-व्यवस्था का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है।

साकची बाजार में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता

बंद को सफल बनाने और गश्त के लिए साकची बाजार में भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष संजीव सिन्हा, महामंत्री राजीव सिंह, अमरजीत सिंह राजा, बलबीर मंडल, रंजीत कुमार सिंह, जटाशंकर पांडेय, हरेंद्र पांडेय, विनोद राय, राकेश सिंह, मनोज वाजपेयी, मोंटी अग्रवाल, अमित संघी और प्रदीप मुखर्जी समेत सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी सड़क पर डटे रहे।

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