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JAMSHEDPUR NEWS: जमशेदपुर में मतदाता सूची को लेकर प्रशासन सख्त, दो बार नोटिस के बाद भी दस्तावेज नहीं देने वालों की बूथवार सूची होगी जारी

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में मतदाता सूची से संबंधित दावा-आपत्तियों के निष्पादन और लंबित मामलों के समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त राजीव रंजन ने समाहरणालय में सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) के साथ समीक्षा बैठक कर डिजिटाइजेशन, नोटिस सुनवाई और मतदाता पंजीकरण की प्रगति का जायजा लिया।

बैठक में विशेष रूप से ऐसे मतदाताओं के मामलों की समीक्षा की गई, जिन्होंने दो बार नोटिस सुनवाई के बावजूद आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। प्रशासन ने इन मामलों की बूथवार सूची तैयार कर नवंबर के पहले सप्ताह में होने वाली बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं (बीएलए-2) के साथ साझा करने का निर्णय लिया है।

दो बार नोटिस के बाद भी दस्तावेज नहीं देने वालों की सूची होगी प्रकाशित

समीक्षा बैठक में सभी ईआरओ और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (एईआरओ) से उन मतदान केंद्रों की बूथवार सूची पर चर्चा की गई, जहां संबंधित मतदाताओं से दो बार नोटिस सुनवाई के बाद भी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए हैं।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि नवंबर के पहले सप्ताह में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और बीएलए-2 की पांचवीं बैठक निर्धारित की जानी है।

इस बैठक में संबंधित मतदाताओं की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 को उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही संबंधित मतदान केंद्रों पर भी सूची प्रकाशित की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य संबंधित व्यक्तियों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहायता करना और लंबित मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

प्रपत्र-6, 6ए, 7 और 8 के आवेदनों की समीक्षा

बैठक के दौरान मतदाता सूची से संबंधित प्रपत्र-6, 6ए, 7 और 8 के तहत प्राप्त दावा-आपत्तियों के डिजिटाइजेशन की स्थिति की समीक्षा की गई।

इसके अलावा प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की प्रगति का भी आकलन किया गया।

उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों की नियमित निगरानी की जाए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका समय पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

नो-मैपिंग और तार्किक विसंगति वाले मामलों पर विशेष ध्यान

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने नो-मैपिंग और तार्किक विसंगति से संबंधित मामलों में प्रथम तथा द्वितीय नोटिस के निष्पादन की स्थिति की भी समीक्षा की।

ईआरओ और एईआरओ स्तर पर ऐसे मामलों की प्रगति का आकलन किया गया। साथ ही उन अन्य श्रेणी के मामलों पर भी चर्चा हुई, जिनमें नोटिस जारी करने की आवश्यकता नहीं थी।

संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी लंबित मामलों पर नियमित निगरानी रखी जाए और निर्धारित नियमों के अनुरूप कार्रवाई पूरी की जाए।

जिन बूथों पर प्रपत्र-6 के 10 से कम आवेदन, वहां बढ़ेगी सक्रियता

बैठक में ऐसे मतदान केंद्रों की स्थिति पर विशेष चर्चा की गई, जहां नए मतदाता पंजीकरण से संबंधित प्रपत्र-6 के आवेदनों की संख्या 10 से कम है।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पात्र मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित करने और पंजीकरण से जुड़े कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।

ईआरओ और एईआरओ को दिए आवश्यक निर्देश

बैठक में ईआरओ-सह-अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, अपर उपायुक्त, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर और उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित रहे। एईआरओ तथा अन्य संबंधित अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों को लंबित दावा-आपत्तियों, नोटिस से जुड़े मामलों और मतदाता पंजीकरण की प्रगति पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया।

महत्वपूर्ण: दो बार नोटिस सुनवाई के बावजूद दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने वाले मतदाताओं की सूची प्रकाशित करने का निर्णय उनके नाम स्वतः मतदाता सूची से हटाए जाने की घोषणा नहीं है। ऐसे मामलों का निष्पादन निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार किया जाना है।

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