Lahar Chakra

Jamshedpur News :वन विभाग और गीता थिएटर के नि:शुल्क समर कैंप का भव्य समापन, बच्चों ने दिया नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

जमशेदपुर: जमशेदपुर वन प्रमंडल एवं गीता थिएटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नि:शुल्क समर कैंप का भव्य समापन समारोह मानगो स्थित वन विभाग सभागार हॉल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शहर की विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक हस्तियों की उपस्थिति रही। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्वी घोष, चंचल भाटिया, डॉ. ताजदार आलम, गोविंद विद्यालय तमोलिया के निदेशक राजेश शर्मा, प्राचार्य सुनीता त्रिपाठी तथा प्रधानमंत्री उच्च विद्यालय बावनगोड़ा के प्रधानाचार्य शाहिद इकबाल शामिल हुए।

दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

समारोह की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद वन विभाग और गीता थिएटर की ओर से सभी अतिथियों का पौधा और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राम नृत्य स्टूडियो के निर्देशक एवं समर कैंप प्रशिक्षक राम मारडी द्वारा निर्देशित आकर्षक गणेश वंदना से हुई।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

संपूर्ण आश्रय संस्था के सदस्यों ने किशोर कुमार के सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। संगीत और नृत्य के बाद मंच पर सामाजिक संदेश देने वाले दो महत्वपूर्ण नाटकों का मंचन किया गया।

बच्चों ने दिया नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के अवसर पर गांधी कुष्ठ आश्रम के बच्चों ने “नशा करें नाश” नाटक प्रस्तुत कर नशे के दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से दर्शाया। वहीं समर कैंप के बच्चों ने वन, पर्यावरण, जलवायु और वन्यजीव संरक्षण पर आधारित “धरती की पुकार” नाटक का मंचन कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।

दोनों नाटकों के बाद उपस्थित लोगों ने नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा की सामूहिक शपथ भी ली।

बच्चों को मिला बहुआयामी प्रशिक्षण

गीता थिएटर की अध्यक्ष गीता कुमारी ने बताया कि इस वर्ष समर कैंप का आयोजन दो चरणों में किया गया। एक कैंप मानगो वन विभाग सभागार में तथा दूसरा गांधी आश्रम, बाराद्वारी में कुष्ठ परिवार के वंचित बच्चों के लिए आयोजित किया गया।

कैंप में बच्चों को अभिनय, नृत्य, संगीत, चित्रकला, हस्तकला, स्वच्छता, स्वास्थ्य, गुड टच-बैड टच, महिला स्वास्थ्य, गणितीय खेल, आपदा प्रबंधन, कानूनी जागरूकता, बाल श्रम, बाल विवाह और वन्यजीव संरक्षण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास

जमशेदपुर वन प्रमंडल के पदाधिकारी सबा आलम अंसारी ने कहा कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को मोबाइल और किताबों की दुनिया से बाहर निकालकर प्रकृति, पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाना था। उन्होंने कहा कि बच्चों में नशा विरोधी जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है।

प्रमाण पत्र और सम्मान वितरण

कार्यक्रम के अंत में दोनों समर कैंपों के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही प्रशिक्षकों और सहयोगी संस्थाओं को “दिशोम गुरु श्री शिबू सोरेन झारखंड सम्मान-2026” देकर सम्मानित किया गया। समारोह का समापन आभार ज्ञापन एवं खाद्य सामग्री वितरण के साथ हुआ।

Exit mobile version