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Jamshedpur News :भगवात में राजा परीक्षित की कथा उनके श्राप, मृत्यु और मोक्ष की अद्भुत यात्रा हैं- कथावाचक

JAMSHEDPUR। गोलमुरी के टुइलाडुंगरी स्थित गाढ़ाबासा कम्युनिटी सेन्टर में चल रहे श्रीमद भागवत महापुराण कथा एवं लक्ष्मी नारायण यज्ञ महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को व्यास पीठ से कथावाचक आचार्य पंडित कुमार स्वामी जी महराज ने कथा के माध्यम से बताया कि भागवत कथा सुनने से जीव का ही नहीं अपितु धुंधकारी जैसे प्रेत का भी कल्याण करके उसे परम् गति प्रदान कर देता है। जैसे गंगा लोगों को पवित्र करती है वैसे कथा गंगा लोको को पवित्र करती है। कथा श्रवण मात्र से अज्ञान समाप्त होकर ज्ञान प्राप्त होता है। ये कथा भक्ति, ज्ञान वैराग्य को पुष्ट करती है ओर जीव और जीवन को मंगल बनाती है। कथा से पहले वैदिक मंत्रोच्चार के साथ लक्ष्मी नारायण यज्ञ पूजा अर्चना हुई। आज की यजमान समिति की अध्यक्ष पुष्पा सिंह ने पूजा करायी। भक्त भगवान सेवा समिति टाटानगर द्धारा आयोजित भागवत कथा में व्यास पीठ से कथावाचक ने श्री जड़भरत कथा, अजामिल उपाख्यान एवं प्रहलाद चरित्र की कथा का रसास्वादन भक्तों को कराया। राजा परीक्षित की कथा का वर्णन करते हुए कथावाचक ने आगे कहा कि भगवात कथा में राजा परीक्षित की कथा उनके श्राप, मृत्यु और मोक्ष की अद्भुत यात्रा है, जिसमें ऋषि सुखदेव द्वारा उन्हें सात दिनों तक श्रीमद्भागवत सुनाई गई, जिससे उनका मन संसार से हटकर भक्ति में लीन हो गया और उन्हें तक्षक नाग के डसने के बाद भी परम गति (मोक्ष) प्राप्त हुई; यह कथा कलयुग के आगमन, धर्म और अधर्म के संतुलन तथा अंत समय में ईश्वर-भक्ति के महत्व को दर्शाती है। कथा के प्रसंग सुन सुषमा सिंह, सुरेन्द्र प्रसाद, राव बाबु, मोहन कुमार, मामराज गुप्ता, विलाश झा आदि श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथा में बड़ी संख्या में पधारकर कथा प्रेमियों द्वारा निष्ठा एवं भाव पूर्वक प्रभु कथा का रसपान किया गया।
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