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Jamshedpur: एनआईटी जमशेदपुर और आईआईटी रुड़की ने MOU पर किये हस्ताक्षर, ये होगा फायदा?

Jamshedpur. शैक्षणिक उत्कृष्टता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। शुक्रवार को आईआईटी रुड़की परिसर में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सुत्रधार और आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने इस समझौते पर मुहर लगाई। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. सूरजित कुंडू और डॉ. साई रामुडु मेका भी उपस्थित रहे। यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच साझा शैक्षणिक उद्देश्यों और उन्नत शोध परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए किया गया है।

इस साझेदारी के माध्यम से न केवल संयुक्त पीएचडी मार्गदर्शन और संकाय विनिमय कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि छात्रों के लिए इंटर्नशिप और स्टार्टअप इनक्यूबेशन के नए द्वार भी खुलेंगे। दोनों संस्थानों का लक्ष्य एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है जहाँ संसाधन और ज्ञान का आदान-प्रदान सुलभ हो सके।साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रो. गौतम सुत्रधार ने स्पष्ट किया कि इस समझौते का उद्देश्य केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि इसे वास्तविक रूप से लागू कर छात्रों और संकाय सदस्यों को सीधा लाभ पहुँचाना है।

उन्होंने अनुसंधान पार्कों और नवाचार केंद्रों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया। प्रो. सुत्रधार ने भावुक होते हुए यह भी साझा किया कि एनआईटी जमशेदपुर के कई शिक्षक आईआईटी रुड़की के ही पूर्व छात्र रहे हैं, जो इस नए जुड़ाव को और भी आत्मीय और मजबूत बनाता है।हस्ताक्षर समारोह के बाद एनआईटी जमशेदपुर के प्रतिनिधीमंडल रुड़की की अत्याधुनिक टिंकरिंग लैब, डिजाइन एवं नवाचार केंद्र और इनक्यूबेशन सुविधाओं का विस्तृत दौरा किया।

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