
Jamshedpur. लगातार हो रही बारिश की वजह से स्वर्णरेखा और खरकई नदी उफान पर है। स्वर्णरेखा के तटीय इलाके में कई घरों में पानी घुस गया है। वहीं खरकई नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जमशेदपुर और आदित्यपुर के तटीय इलाके बाढ़ की चपेट में आ चुका है। देर शाम तक बाबा आश्रम, बनतानगर, रायडीह बस्ती, भाटिया मिलाकर करीब 2 सौ मकानों में पानी प्रवेश कर चुका है। खरकई खतरे के निशान से सात मीटर ऊपर बह रही है।
शहर के तीन नगर निकायों और जमशेदपुर प्रखंड के 38 इलाके व बस्तियां बाढ़ से प्रभावित हुईं हैं। इन सभी के प्रभावित लोगों की मदद के लिए 26 राहत शिविर खोले गए हैं। जुगसलाई नगर परिषद को छोड़कर शेष तीनों ने कंट्रोल रूम भी खोले हैं। प्रभावित इलाकों को खाली कराने के लिए लगातार लाउडस्पीकर से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि लोग ऊंचे स्थानों पर बनाये गए शिविर में पहुंच जाएं।
शिविर में खाने-पीने, सोने, शौचालय, स्नान आदि का इंतजाम किया गया है। साफ-सफाई की व्यवस्था भी रहेगी। मानगो नगर निगम क्षेत्र में 19 इलाके प्रभावित हुए हैं। इनके लिए नौ राहत शिविर खोले गए हैं। इनमें सफाई पर्यवेक्षक, कनीय अभियंता, नोड्ल पदाधिकारी और वरीय पदाधिकारी लगाये गए हैं। साथ ही कंट्रोल रूम भी खोला गया है जिसका प्रभारी सिटी मैनेजर अनामिका निशा बागे को बनाया गया है। कंट्रोल रूम में तीन पाली में कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जमशेदपुर अक्षेस के नौ क्षेत्र बाढ़ प्रभावित हैं। इनके लिए 11 राहत शिविर खोले गए हैं। दो कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। इनमें एक अक्षेस कार्यालय और एक तरुण संघ में खुला है।
इन सभी जगहों पर दर्जनों कर्मचारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। उपायुक्त राजीव रंजन ने शहर के बाढ़ प्रभावित लोगों को सतर्क किया है। उन्होंने कहा कि स्वर्णरेखा एवं खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। नागरिकों से अपील है कि सतर्क रहें एवं प्रशासन द्वारा चिह्नित आश्रय स्थलों में शरण लें। सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर रहें तथा नदी, निचले इलाकों एवं जलजमाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। सभी नगर निकायों को अलर्ट मोड में रखते हुए आवश्यक तैयारियों एवं सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।