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Jamshedpur: जमशेदपुर की 86 बस्तियों के लोगों को मालिकाना हक का वादा था, फिर क्यों कहा ‘अतिक्रमणकारी’, मंत्री बिरुआ के बयान से गरमायी सियासत, BJP ने की माफी की मांग

Jamshedpur. जमशेदपुर की 86 बस्ती को लेकर झारखंड विधानसभा में मंत्री दीपक बिरुआ द्वारा दिये गये बयान पर जमशेदपुर की राजनीति गरमा गयी है. जमशेदपुर पूर्वी के सात मंडलों के भाजपा अध्यक्षों ने रविवार को मंत्री के बयान की आलोचना की. साथ ही चाईबासा विधायक सह मंत्री दीपक बिरुआ से माफी की मांग की.
भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि ये बस्तियां अवैध हैं, तो राज्य सरकार ने यहां पुलिस थाने, सरकारी स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं क्यों शुरू कीं. उ

नका कहना था कि ये बस्तियां दशकों से यहां बसी हुई हैं और इनका विकास झारखंड की पहचान बन चुका है. उन्होंने याद दिलाया कि 2005 में भाजपा सरकार ने इन बस्तियों को टाटा लीज से बाहर किया और 2014 में फिर से सरकार बनने पर इन्हें लीज देने का प्रावधान बनाया. अब, बस्तीवासी केवल लीज नहीं, बल्कि पूर्ण मालिकाना हक चाहते हैं.

भाजपा ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि वह अपने वादों से मुकरती रही और गरीबों का अपमान करती रही, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी. भाजपा ने कहा कि 86 बस्तियों के हजारों लोग अपने हक के लिए सड़कों पर उतरेंगे और झामुमो-कांग्रेस सरकार का दोहरा चरित्र सबके सामने ला देंगे. भाजपा ने मांग की है कि मंत्री दीपक बिरुआ अपने बयान पर माफी मांगें और 86 बस्तियों के लोगों को मालिकाना हक देने की आधिकारिक घोषणा करें. पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर सरकार और मंत्री ने जनता की आवाज दबाने की कोशिश की, तो भाजपा इन बस्तियों के लोगों के साथ मिलकर निर्णायक संघर्ष छेड़ेगी.

बैठक में ये थे मौजूद
इस बैठक में प्रमुख रूप से बिरसानगर मंडल अध्यक्ष बबलू गोप, गोलमुरी मंडल अध्यक्ष पप्पू उपाध्याय, टेल्को मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा, बारीडीह मंडल अध्यक्ष जीवन साहू और साकची पूर्वी मंडल अध्यक्ष युवराज सिंह मौजूद थे.

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