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Jamshedpur Police: कैरव गांधी अपहरण कांड का हुआ उद्भेन, जानें अपहरण की वारदात से लेकर कार्रवाई तक का पूरा मामला? जमशेदपुर से भी जुड़ा है अपराधियों का लिंक

Jamshedpur.बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सीएच एरिया से 13 जनवरी को हुए युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण कांड ने न केवल जमशेदपुर बल्कि पूरे कोल्हान क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि, जमशेदपुर पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता और अंतरराज्यीय समन्वय के चलते महज दो सप्ताह के भीतर इस कांड का सफल उद्भेदन कर लिया गया। पुलिस ने अपहृत कैरव गांधी को सकुशल बरामद करते हुए अपहरण में शामिल छह अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। 13 जनवरी की दोपहर बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सीएच एरिया से 24 वर्षीय कैरव गांधी को अज्ञात अपराधियों ने जबरन अगवा कर लिया था। हथियार के बल पर उन्हें एक स्कॉर्पियो वाहन में बैठाकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और शहर में भय का माहौल बन गया।

बिष्टुपुर थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। कांड की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) के नेतृत्व में पांच विशेष अनुसंधान एवं छापामारी दल (एस आई टी) का गठन किया गया। इन टीमों में अनुभवी पुलिस पदाधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और इंटेलिजेंस यूनिट के कर्मियों को शामिल किया गया। स्पष्ट निर्देश था कि किसी भी कीमत पर कैरव गांधी को सकुशल बरामद किया जाए। पुलिस ने जांच को पूरी तरह पेशेवर तरीके से आगे बढ़ाया। शहर और आसपास के इलाकों में लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और सोशल नेटवर्क एनालिसिस के जरिए अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसके साथ ही मानवीय आसूचना (ह्यूमन इंटेलिजेंस) को भी सक्रिय किया गया।

अंतरराज्यीय अपहरण गिरोह का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस अपहरण कांड में अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह शामिल है। इसके बाद जमशेदपुर पुलिस ने बिहार पुलिस से संपर्क साधा। पटना, गया और नालंदा जिलों में सक्रिय अपराधियों की जानकारी साझा की गई। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की गई, जिससे अपराधियों पर दबाव बढ़ता चला गया।

गया के जंगल-पहाड़ी इलाके में छिपाकर रखा गया कैरव
पूछताछ और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि अपहरणकर्ता कैरव गांधी को बिहार के गया जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के एक गांव में ले गए थे। यह इलाका पहले उग्रवाद से प्रभावित रहा है, जहां घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र हैं। अपराधियों ने इसी दुर्गम भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर कैरव को एक घर में बंधक बनाकर रखा था।

पुलिस दबिश से घबराए अपराधी
लगातार पुलिस की छापेमारी और संभावित ठिकानों पर दबाव के चलते अपहरणकर्ताओं की योजना गड़बड़ाने लगी। पुलिस को सूचना मिली कि अपराधी कैरव को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की तैयारी में हैं और इसके लिए वाहन बदल-बदल कर सफर करने की योजना बना रहे हैं। इस इनपुट के बाद संभावित मार्गों पर चौकसी बढ़ा दी गई।

जीटी रोड पर छोड़कर फरार हुए अपहरणकर्ता
पुलिस के बढ़ते दबाव और खुद को घिरता देख अपहरणकर्ताओं ने आखिरकार कैरव गांधी को छोड़ने का फैसला किया। 26 और 27 जनवरी की रात हजारीबाग के पास जीटी रोड पर चौपारण और बरही के बीच कैरव को छोड़कर सभी अपराधी फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कैरव को सकुशल बरामद किया। 27 जनवरी को उन्हें सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया गया।

जमशेदपुर से जुड़ा है अपहरण का लिंक
एसएसपी ने आगे बताया कि अपहरण के इस मामले में जमशेदपुर से भी तार जुड़े हुए हैं। जिसके तहत गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। गयाजी के एक पूर्व उग्रवाद प्रभावित सुदूर इलाके में कैरव को रखा गया था। इस कांड में अपहरण करने और उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट करने समेत निर्धारित जगह पर पहुंचाने के लिए अलग अलग अपराधियों की टीम लगी थी।

बरामद हथियार
दो देसी कट्टा.
चार राउंड 315 जिंदा गोली.
घटना में इस्तेमाल वाहन जिसका नंबर प्लेट बदला हुआ था.
कई मोबाइल.

इनकी हुई गिरफ्तार
गुड्डू सिंह, नालंदा, बिहार
मो इमरान, नालंदा, बिहार
रमीज़ राजा, नालंदा, बिहार
उपेंद्र सिंह, गया, बिहार
अर्जुन सिंह, गया, बिहार
मोहन कुमार, पटना, बिहार

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