जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर के ऐतिहासिक साकची आमबागान मैदान को ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस आमबागान’ के रूप में विकसित करने की योजना है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मैदान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में भव्य स्मारक बनाने की घोषणा की है। प्रस्तावित स्मारक में नेताजी के जीवन, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और आजाद हिंद फौज के संघर्ष को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
सरयू राय ने यह घोषणा साकची आमबागान मैदान में बंगाल क्लब की ओर से आयोजित जमशेदपुर सार्वजनिन दुर्गा पूजा समारोह के मंच से की। उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर उनकी घोषणा का स्वागत किया।
हालांकि, मैदान का नाम बदलने और स्मारक निर्माण की योजना को अभी संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।
नेताजी के बचपन से आजाद हिंद फौज तक की कहानी दिखेगी
सरयू राय ने बताया कि प्रस्तावित स्मारक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बचपन से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका तक की प्रमुख घटनाओं को दर्शाया जाएगा।
इसमें अंग्रेजों की निगरानी से बचकर उनके विदेश जाने, जर्मनी पहुंचने, सिंगापुर में आजाद हिंद फौज के नेतृत्व और भारत की स्वतंत्रता के लिए चलाए गए सैन्य अभियान का सचित्र विवरण होगा।
उन्होंने कहा कि स्मारक के माध्यम से लोगों, विशेषकर युवाओं, को नेताजी के साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण से परिचित कराया जाएगा।
योजना के अनुसार, परिसर में आजाद हिंद फौज का प्रेरणादायी गीत ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’ भी नियमित रूप से बजाया जाएगा।
जमशेदपुर से नेताजी का रहा है ऐतिहासिक संबंध
सरयू राय ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जमशेदपुर से गहरा ऐतिहासिक लगाव रहा है।
उन्होंने बताया कि नेताजी वर्ष 1928 से 1937 के बीच टाटा लेबर एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे थे। यही संगठन बाद में टाटा वर्कर्स यूनियन के नाम से जाना गया।
विधायक के अनुसार, औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में नेताजी के योगदान को समर्पित स्मारक का निर्माण शहर की ऐतिहासिक पहचान को और मजबूत करेगा।
विधायक निधि से निर्माण कार्य शुरू कराने की पहल
सरयू राय ने बताया कि स्मारक निर्माण की योजना को आगे बढ़ाने के लिए वे पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र लिखेंगे।
पत्र के माध्यम से वे आग्रह करेंगे कि परियोजना के जिन कार्यों को विधायक निधि से कराया जा सकता है, उन्हें शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही स्मारक के विकास के लिए राज्य सरकार के पर्यटन विभाग से भी सहयोग लेने की पहल की जाएगी।
पहले भी लगवाया था नेताजी की ऐतिहासिक यात्रा का नक्शा
सरयू राय ने बताया कि वर्ष 2014 से 2019 के बीच जमशेदपुर पश्चिम का विधायक रहते हुए उन्होंने आमबागान मैदान में नेताजी की स्मृतियों को संरक्षित करने की दिशा में पहल की थी।
उनके अनुसार, उस समय नेताजी की प्रतिमा के पास एक नक्शा प्रदर्शित कराया गया था, जिसमें कोलकाता से गोमो जंक्शन तक उनकी ऐतिहासिक यात्रा और आगे रेल मार्ग से प्रस्थान की जानकारी दी गई थी।
उन्होंने कहा कि यह नक्शा आज भी मैदान में मौजूद है।
मणिपुर के मोइरांग स्मारक से भी ली जाएगी प्रेरणा
विधायक ने बताया कि आजाद हिंद फौज का सैन्य अभियान मणिपुर के मोइरांग तक पहुंचा था। वहां नेताजी और आजाद हिंद फौज के संघर्ष की स्मृति में एक महत्वपूर्ण स्मारक स्थापित है।
उन्होंने कहा कि मोइरांग स्थित स्मारक की कुछ विशेषताओं को जमशेदपुर के प्रस्तावित स्मारक में शामिल करने की संभावना पर भी विचार किया जाएगा।
सरयू राय ने कहा कि नेताजी का संघर्ष भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का गौरवशाली अध्याय है। प्रस्तावित स्मारक का उद्देश्य इस इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और युवाओं में देशभक्ति तथा राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करना है।
