
जमशेदपुर: मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 अभियान के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले के 254-उत्क्रमित मध्य विद्यालय, दूधकुंडी मतदान केंद्र ने शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। अभियान के दौरान मतदान केंद्र के सभी मतदाताओं तक गणना प्रपत्र (Enumeration Form) पहुंचाने और समयबद्ध तरीके से उनका डिजिटाइजेशन पूरा करने पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने संबंधित बीएलओ बसंती मांडी को बधाई देते हुए उनके कार्य की सराहना की।
544 मतदाताओं तक पहुंचाए गए गणना प्रपत्र
जिला प्रशासन के अनुसार दूधकुंडी मतदान केंद्र के कुल 544 मतदाताओं को गणना प्रपत्रों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया गया। इनमें से 515 गणना प्रपत्र मतदाताओं से प्राप्त हुए, जिनका सफलतापूर्वक डिजिटाइजेशन किया गया। यह कुल प्रपत्रों का 94.67 प्रतिशत था।
प्रशासन ने बताया कि शेष 29 प्रपत्र ASDD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) श्रेणी से संबंधित थे। इनकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित बीएलओ ने इनका भी डिजिटाइजेशन कर 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली।
BLO बसंती मांडी के कार्य की उपायुक्त ने की सराहना
इस उपलब्धि पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने बीएलओ बसंती मांडी को बधाई देते हुए कहा कि मतदान केंद्र स्तर पर उनकी सक्रियता, जिम्मेदारी और समर्पण अभियान की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में बीएलओ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और इसी मेहनत से प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंचना संभव हो रहा है।
उपायुक्त ने अन्य बीएलओ से भी दूधकुंडी मतदान केंद्र की कार्यशैली से प्रेरणा लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।
शेष मतदान केंद्रों पर भी तेज होगी प्रक्रिया
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) को निर्देश दिया कि शेष गणना प्रपत्रों का संग्रहण और डिजिटाइजेशन भी समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान की सफलता के लिए प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंचना और सभी गणना प्रपत्रों का समय पर डिजिटाइजेशन सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण अभियान
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। जिला प्रशासन का मानना है कि बूथ स्तर पर सक्रिय भागीदारी और तकनीकी डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया से भविष्य के चुनावों में अधिक सटीक और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार करने में मदद मिलेगी।
