
Jamshedpur.एनआईटी जमशेदपुर में फेल विद्यार्थी समर क्वार्टर परीक्षा देकर पास हो सकेंगे. संस्थान ने सीनेट की अनुमति मिलने के बाद समर क्वार्टर परीक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है. संस्थान के डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से इस बाबत अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. इसके मुताबिक, सभी यूजी, पीजी और पीएचडी छात्र, जो किसी विषय में फेल हो गए हैं या यदि कोई छात्र किसी सेमेस्टर में खुद की गंभीर बीमारी या परिवार में किसी आपदा जैसे किसी जरूरी कारण से एंड सेमेस्टर परीक्षा नहीं दे पाता है तो वह समर क्वार्टर परीक्षा में शामिल हो सकता है.
गाइडलाइन में साफ किया गया है कि अगर कोई छात्र समर क्वार्टर के लिए रजिस्टर्ड है और अटेंडेंस की कमी या किसी अन्य कारण से उसे डिबार कर दिया जाता है तो उसे अगले सेशन के दौरान संबंधित सेमेस्टर में उस कोर्स के लिए बैक लॉग सब्जेक्ट के रूप में फिर से रजिस्टर कर परीक्षा में शामिल होना होगा.
छात्र एक समर क्वार्टर में 4 विषयों के लिए रजिस्टर कर सकते हैं. कॉलेज का समर क्वार्टर एक एकेडमिक पीरियड होता है, जो आमतौर पर गर्मियों की छुट्टियों के दौरान होता है. इसमें विद्यार्थियों को फेल विषयों में पास होने, क्रेडिट कमाने, कोर्स पूरे करने या अपनी डिग्री में आगे बढ़ने में मदद करने के लिए कम समय में क्लास लेनी होती हैं. ये छोटे सेशन आमतौर पर तीन से नौ हफ़्ते तक चलते हैं और रेगुलर सेमेस्टर जितना ही सिलेबस कवर करते हैं.
एनआईटी में समर क्वार्टर की अवधि 30 से 40 दिन होगी. किसी खास सेशन के लिए समर क्वार्टर आयोजित करने की सही तारीख हर साल एकेडमिक कैलेंडर को फाइनल करते समय सीनेट द्वारा तय की जाएंगी. समर क्वार्टर के लिए अटेंडेंस की जरूरत रेगुलर सेमेस्टर के समान ही होगी, जो छात्र नियमों को पूरा नहीं करेंगे, उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
