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Jamshedpur Traffic Police: ट्रैफिक जांच के दौरान अवैध वसूली के आरोप में दो ASI पर गिरी गाज, दोनों किये गये सस्पेंड

Jamshedpur. जमशेदपुर शहर में ट्रैफिक जांच के दौरान अवैध वसूली के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने दो सहायक अवर निरीक्षकों (एएसआई) के खिलाफ कार्रवाई की है। आरोप सही पाए जाने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडेय ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। दोनों मामलों की जांच यातायात पुलिस उपाधीक्षक (ट्रैफिक डीएसपी) नीरज पाठक के स्तर पर कराई गई थी।

जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। पहला मामला साकची थाना क्षेत्र का है। जहां, 8 मई को थाना गेट के समीप वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक वाहन चालक को प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने के आरोप में रोका गया। आरोप है कि चालक से अवैध रूप से रुपये की मांग की गई। चालक के पास नकद राशि नहीं होने पर साकची ट्रैफिक थाना में पदस्थ एएसआई शिवशंकर पासवान ने कथित तौर पर एक दुकानदार के खाते में ऑनलाइन भुगतान करवाया। मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर एएसआई शिवशंकर पासवान को निलंबित कर दिया गया।

दूसरा मामला टाटानगर जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास का है। यहां जुगसलाई ट्रैफिक थाना में पदस्थ एएसआई जय कुमार दास पर एक बाइक चालक से 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा। शिकायतकर्ता जनगणना कार्य से जुड़े एक शिक्षक बताए जा रहे हैं। उनका आरोप था कि सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद उन्हें लंबे समय तक रोके रखा गया और बाद में जुर्माने के नाम पर बड़ी रकम की मांग की गई।
मामला उस समय और चर्चा में आ गया जब शिक्षक ने विधायक संजीव सरदार से फोन पर बात कराने का प्रयास किया, लेकिन एएसआई ने बातचीत से इनकार कर दिया। इसके बाद विधायक स्वयं मौके पर पहुंचे। शिकायत की जांच ट्रैफिक डीएसपी स्तर से कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर एएसआई जय कुमार दास को भी निलंबित कर दिया गया।

ट्रैफिक डीएसपी नीरज पाठक ने सोमवार को दोनों मामलों की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच में जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप प्रमाणित हुए हैं, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि ट्रैफिक जांच के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या अनुचित व्यवहार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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