


जामताड़ा. जामताड़ा साइबर थाने की पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी को दबोचा है, जो ठगी के साथ फर्जी आईडी पर खरीदे गए सिम कार्ड का भी बड़ा सप्लायर था. यह शातिर फ्लाइट से असम पहुंचता था और वहां से ट्रेन के जरिए सिम कार्ड लेकर जामताड़ा लौटता था.
फिर वहां से लाए गए फर्जी आईडी के सिम को 1500 से 2500 रुपये में प्रति सिम के हिसाब से साइबर ठगों को बेचता था. पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह शातिर जामताड़ा समेत गिरिडीह, देवघर और झारखंड से सटे बिहार के कई सीमावर्ती जिलों के साइबर अपराधियों को भी ठगी के लिए सिम कार्ड मुहैया करवाता था.
साइबर थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो की अगुवाई में छापेमारी के दौरान करमाटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह के रहने वाले अकबर हुसैन के पास से पुलिस टीम ने 377 असम नंबर के सिम कार्ड बरामद किए हैं. इस बात की जानकारी बुधवार देर शाम प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जामताड़ा एसपी राजकुमार मेहता ने दी. मेहता ने बताया कि संभवत: यह पूरे प्रदेश मेंं पहला मामला है, जब किसी साइबर अपराधी के पास से इतने बड़े पैमाने पर फर्जी आईडी पर किसी बाहरी प्रदेश से मंगवाए गए सिम कार्ड की खेप बरामद हुई है.
एसपी ने बताया कि यह शातिर काफी समय से सीधे तौर पर साइबर ठगी के धंधे में संलिप्त रहा है. उसके खिलाफ 21 अप्रैल 2021 में साइबर ठगी के मामले में जामताड़ा साइबर थाने में केस भी दर्ज है.आरोपित के पास से 377 सिम कार्ड, इंडिगो की फ्लाइट टिकट, तीन एटीएम कार्ड, दो मोबाइल व एक आधार कार्ड बरामद हुआ है.
एसपी मेहता ने बताया कि सिम कार्ड के इस धंधे में कई शातिरों के शामिल होने का अनुमान है. यह असम में कहां से सिम कार्ड लाता था, पुलिस जांच के जरिए यह पता लगाने में जुटी है.
असम से सिम कार्ड लाकर वह यहां बेचता था और आन लाइन पैसे वहां के सरगना को भेजता था. अपराधी अकबर हुसैन इस धंधे में काफी समय से अपना हाथ आजमा रहा था.
पुलिस को सूचना मिली थी कि अपराधी इन दिनों सिम की बड़ी खेप लेकर जामताड़ा पहुंचा है और इसी आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान उसे करमाटांड़ के मुर्गाबनी गांव के पास से धरदबोचा. आरोपित के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है.



