
Ranchi. झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है, जिसका आज यानि गुरुवार को पांचवां कार्यदिवस और अंतिम दिन है. सत्र की अवधि पहले से ही 5 दिसंबर से 11 दिसंबर तक निर्धारित की गई थी, जिसमें कुल 5 कार्यदिवस थे. 6 और 7 दिसंबर को अवकाश था. आज की कार्यवाही 11 बजे से शुरू हुई. प्रश्नकाल के साथ सदन की कार्यवाही शुरू की गई. जहां विपक्ष के द्वारा कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाया गया. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर आज झारखंड में लघु खनिजों के प्रबंधन और भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक का वित्त लेखा परीक्षा तथा विनियोग लेखा से संबंधित लेखा परीक्षा प्रतिवेदन सभा पटल पर रखेंगे.
प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्रवृत्ति का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस पर जो भी मुद्दे हैं, राज्य सरकार पर इस पर जांच कराए. इसके अलावा बाबूलाल मरांडी ने कहा कि धान खरीद में गड़बड़ी का मामला लगातार सामने आया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सदन में आरोप लगाया कि केंद्रीय कोयला मंत्री ने बकाया 1.36 लाख करोड़ के मामले में अधिकारियों की कमेटी बनाकर बात आगे बढ़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार से सहयोग नहीं मिलने की वजह से ग्रामीण विकास विभाग की योजनाएं नहीं चल पा रहे हैं. केंद्र सरकार के मंत्री मुलाकात करने का समय नहीं देते हैं.
