Lahar Chakra

Jharkhand: बिरसा मुंडा का जीवन और उनका बलिदान आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं, उलिहातू में बोले उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

Ranchi. उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने झारखंड के खूंटी जिले की यात्रा के दौरान आदिवासी नायक बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद शनिवार को कहा कि उनका जीवन और बलिदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहा है। राधाकृष्णन ने उलिहातु में इस दौरान बिरसा मुंडा के वंशजों से भी बातचीत की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, भारत के उपराष्ट्रपति का पद संभालने के बाद भगवान बिरसा मुंडा की पवित्र जन्मभूमि उलिहातु की एक बार फिर यात्रा करने से मैं अत्यंत भावुक हूं।

उन्होंने कहा, मैं उस महान स्वतंत्रता सेनानी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनका जीवन और बलिदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।राधाकृष्णन ने कहा, ‘मुझे वह दिन आज भी याद है, जब मैंने झारखंड के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। उसी दिन मैं उलिहातु गया था और वह अनुभव आज भी मेरे लिए बेहद मायने रखता है।’’
राधाकृष्णन 2023 से 2024 के बीच झारखंड के राज्यपाल रहे थे।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2021 में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का जो दूरदर्शी फैसला किया,

उससे हमारी जनजातीय विरासत के प्रति राष्ट्रीय जागरूकता और गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा, ‘मुझे खूंटी में प्रधानमंत्री के साथ उस समय मौजूद रहने का भी सौभाग्य मिला था, जब उन्होंने पीएम-जनमन योजना की घोषणा की थी। यह विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों की सुरक्षा और सशक्तीकरण के उद्देश्य से शुरू की गई एक परिवर्तनकारी पहल है।’’

राधाकृष्णन ने कहा, ‘जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों की समृद्ध विरासत और उनके संघर्षों के बारे में पीढ़ियों में गौरव और जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ इस अमृत काल में जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने का यह दोहरा दृष्टिकोण वास्तव में उन अधिकारों और गरिमा की प्राप्ति का प्रतीक है जिनके लिए भगवान बिरसा मुंडा ने इतनी बहादुरी से लड़ाई लड़ी थी।उपराष्ट्रपति इससे पहले दिन में पहले रांची हवाई अड्डे पहुंचे जहां झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार ने उनका स्वागत किया।

Exit mobile version