
Dhanbad. धनबाद का चर्चित पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया. इस केस में झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत सभी 10 आरोपी बरी हो गए. यह फैसला आठ साल, पांच महीने और पांच दिन बाद आया है. बीमार होने की वजह से सुनवाई के दौरान संजीव सिंह आज कोर्ट में एंबुलेंस से लाए गए थे. इधर, कोर्ट के फैसले के बाद संजीव सिंह के समर्थकों में उत्साह दिखा। वहीं, नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने कहा कि इस मामले को अब हाईकोर्ट ले जाएंगे. इधर, नीरज सिंह हत्याकांड के फैसले को लेकर कोर्ट परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रणधीर वर्मा चौक से डीआरएम चौक तक चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई. इसके अलावा अदालत परिसर में अन्य लोगों के प्रवेश पर कड़ी जांच की गई. अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और सभी को पुलिस स्क्रीनिंग से गुजरना पड़ा.
2017 में हुई थी नीरज की हत्या
यह हत्याकांड 21 मार्च 2017 को हुआ था, जब नीरज सिंह, चंद्रप्रकाश महतो, अशोक यादव और मुन्ना तिवारी को सरेशाम स्टील गेट में गोलियों से मौत के घाट उतार दिया गया था.
ये बनाये गये थे आरोपी
नीरज सिंह हत्याकांड के आरोपियों में झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, डब्लू मिश्रा, विनोद सिंह, सागर सिंह उर्फ शिबू, चंदन सिंह, कुर्बान अली, पंकज सिंह, रणधीर धनंजय उर्फ धनजी शामिल थे. नीरज के भाई अभिषेक सिंह ने इस मामले में विधायक संजीव सिंह, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, गया सिंह, महंत पांडेय और सिद्धार्थ गौतम उर्फ मनीष सिंह को आरोपी बनाया था. बाद में अन्य आरोपियों के नाम भी इस हत्याकांड में जुड़े और गिरफ्तारियां हुईं थीं.
