
Ranchi. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के रांची स्थित वेतन एवं लेखा कार्यालय में तैनात तीन अधिकारियों को शुक्रवार को तीन दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया, ताकि उनसे ‘पूछताछ की जा सके और अन्य अधिकारियों की संलिप्तता का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष कुमार महतो तथा सहायक लेखा अधिकारियों -सुनील कुमार और सुजीत कुमार सिंह- को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि एजेंसी ने आरोपियों के परिसरों पर छापा मारा और इस दौरान डिजिटल उपकरण, आभूषण, संपत्ति की खरीद, निवेश और बैंक लेनदेन से संबंधित दस्तावेज समेत अन्य सामग्री जब्त की गई। छापेमारी के दौरान बड़ी नकद राशि भी बरामद की गई।
सीबीआई ने प्रयागराज स्थित राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) में तैनात सीआईएसएफ के एक हेड कांस्टेबल की लिखित शिकायत पर मामला दर्ज किया था। हेड कांस्टेबल को उनकी इकाई ने भुगतान के लिए 28 यात्रा भत्ता (टीए) बिल और 10 बाल शिक्षा भत्ता (सीईए) बिल सीआईएसएफ के रांची स्थित क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय (आरपीएओ) में जमा कराने के लिए भेजा था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुनील कुमार और महतो ने इन बिल की प्रक्रिया पूरी करने और भुगतान के लिए 40,000 रुपये से 50,000 रुपये तक की रिश्वत मांगी थी।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बयान में बताया कि एजेंसी ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाया और तीनों आरोपी अधिकारियों को शिकायतकर्ता से 48,400 रुपये की रिश्वत लेते कथित तौर पर रंगे हाथ पकड़ लिया। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘जाल बिछाकर की गई कार्रवाई के दौरान रिश्वत की 48,400 रुपये की राशि बरामद की गई।’’
गिरफ्तारी के बाद CBI की अलग-अलग टीमें रांची व धनबाद में आरोपियों से जुड़े कुल पांच ठिकानों पर छापेमारी के लिए रवाना हुईं। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, नकदी और आभूषण बरामद हुए हैं। धनबाद में लेखपाल सुजीत कुमार सिंह के आवास से लगभग 10 लाख रुपये से अधिक नकदी और अनुमानित 40 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण मिले। हालांकि ये रकम और वस्तुओं की आधिकारिक पुष्टि अभी सीबीआई द्वारा नहीं की गई है। सीबीआई टीम ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर उसकी मौलिकता और स्रोत की जांच शुरू कर दी है।
