
Medninagar. पलामू जिले में एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में 18 वर्षीय युवती का शव कब्र खोदकर निकाला गया, जिसे कथित तौर पर उसके परिवार ने पुलिस को सूचित किए बिना दफना दिया था. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. यह घटना पिपराटाड़ थाना क्षेत्र के होटवार गांव में घटी. पिपराटाड़ पुलिस थाने के प्रभारी पी सुबोध ने बताया कि युवती के शव को उसके परिवार ने दफना दिया था और दावा किया था कि उसने आत्महत्या की है. सुबोध ने कहा, संदेह इसलिए उत्पन्न हुआ क्योंकि आत्महत्या या अन्य अप्राकृतिक मौत के मामलों में पुलिस को सूचित किया जाना चाहिए लेकिन इस मामले में पुलिस को सूचना नहीं दी गई. स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, पांकी की यह युवती (जो एक कॉलेज छात्रा थी) अपने ही समुदाय के एक युवक के साथ प्रेम संबंध में थी.
युवती के परिजन उसके प्रेम संबंध के कथित तौर पर विरोध में थे. पुलिस अधिकारी ने बताया कि संदेह है कि उसके पिता की अगुवाई में परिवार के सदस्यों ने युवती की हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के लिए पुलिस को सूचित किए बिना शव को कब्र में दफना दिया और इसे आत्महत्या बता दिया. सुबोध ने बताया, “हम बुधवार को उनके घर पहुंचे और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की. शव को पलामू के मेदनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
लेस्लीगंज उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसपीडीओ) मनोज कुमार झा ने बताया कि आत्महत्या के मामले में पुलिस को सूचित किए बिना शव को दफनाना अपराध है. झा ने कहा, हमें युवती की हत्या किए जाने का संदेह है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामला स्पष्ट हो जाएगा. एसडीपीओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान महिला के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली थी, इसलिए रिश्तेदारों से परामर्श के बाद वे उसे गांव ले आए और उसके शव को दफना दिया.
