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Jharkhand Cyber Crime Expose: अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़, 6000 लोगों को जोड़कर करायी जा रही थी फर्जी गेमिंग, हर दिन कमा रहे थे 7 लाख रुपये, 7 लोग गिरफ्तार

Medninagar. पलामू पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर एक सट्टेबाजी ऐप के माध्यम से ऑनलाइन घोटाला चलाने में शामिल थे. एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. हजारीबाग पुलिस से मिली गुप्त सूचना के आधार पर रविवार को हुसैनाबाद पुलिस थाने की सीमा के भीतर एक तीन मंजिला इमारत में छापेमारी की गई. हुसैनाबाद में अनिल कुमार विश्वकर्मा के मकान में किराये पर कमरा लेकर इसे अंजाम दिया जा रहा था. पुलिस अधीक्षक रेशमा रमेशन ने कहा, हमने एक गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन ठगी करने वाले सात लोगों को गिरफ्तार किया है.

एसपी ने बताया कि यह गिरोह लगभग 6,000 ग्राहकों को संभाल रहा था और कथित तौर पर अपने ऑनलाइन जुए के धंधों से प्रतिदिन लगभग सात लाख रुपये कमा रहा था. उन्होंने इलाके में एक मकान किराए पर ले रखा था और विभिन्न राज्यों के लोगों को ठग रहे थे. गिरोह के सरगना की पहचान राहुल सिंह (22) के रूप में हुई है.

बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के हैं आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपी छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं. गिरफ्तार लोगों के पास से 14 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं. इसके अलावा, नौ एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक और एक लैपटॉप भी जब्त किया गया. गिरफ्तार आरोपियों में छत्तीसगढ़ के राहुल सिंह लोधी , बिहार के औरंगाबाद के सुजीत कुमार विश्वकर्मा, अजीत कुमार विश्वकर्मा, रोहित कुमार सिंह, बोकारो के जुबेर अंसारी, रामगढ़ के अयाज आलम और रांची के अक्षय कुमार कुंडू शामिल हैं.

15 म्यूल अकाउंट का किया इस्तेमाल
गिरोह ने 15 म्यूल अकाउंट तैयार कर रखे थे. किसी व्यक्ति को पांच हजार रुपये देकर उसका बैंक खाता, कागजात और चेकबुक किराये पर लेते थे. खाते में 50 लाख रुपये तक आने के बाद पैसा निकालकर कागजात लौटा दिया जाता था.

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