
Ranchi.झारखंड अफीम की खेती का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. राज्य सरकार ने इसको लेकर नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की है. अभियान 10 से 26 जून तक पूरे राज्य में चलेगा. इसको लेकर मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन से स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया. इस मौके पर आयोजित कार्यशाला में डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि पिछले 15-20 वर्षों में झारखंड अफीम के लिए एक बड़ा सोर्स स्टेट बन गया है. शहरी क्षेत्रों के बच्चे ब्राउन शुगर, हेरोइन एवं अन्य ड्रग्स की चपेट में आ चुके हैं, जो चिंता की बात है. झारखंड में अफीम की खेती को नष्ट करने का काम हमने किया है. अफीम की खेती करनेवालों, ब्राउन शुगर व गांजा के सौदागरों को जेल में डाला जायेगा.
सरकार का संकल्प, नशामुक्त राज्य बनायेंगे : स्वास्थ्य मंत्री
कार्यशाला में मंत्री डॉ इरफान ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है. हमलोग उनके इस संकल्प को पूरा करने में लगे हैं. उन्होंने कहा कि अभियान का समापन 26 जून को मोरहाबादी मैदान में होगा. इस अवसर पर उन्होंने गृह विभाग और सूचना जनसंपर्क विभाग के सहयोग से तैयार मादक पदार्थों के दुरुपयोग से संबंधित पुस्तिका का भी विमोचन किया. मंत्री समेत सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों ने नशा मुक्त भारत बनाने की शपथ ली.
