
Ranchi: 2009 बैच के चर्चित भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी कपिल राज का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है. कपिल राज अपने आठ वर्षों के ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) कार्यकाल में कई हाईप्रोफाइल मामलों की जांच के लिए चर्चित रहे हैं. उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ कार्रवाई की निगरानी की थी.
झारखंड में इडी के संयुक्त निदेशक रहते हुए कपिल राज ने कई बड़े मामले उजागर किये थे, इनमें मुख्य रूप से ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर कमीशन घोटाला और मनी लाउंड्रिंग, खूंटी में मनरेगा घोटाला, अवैध खनन घोटाला, जमीन घोटाला शामिल हैं. इडी से सेवा वापस होने के बाद वे वर्तमान में डीडीजीआइ दिल्ली जोन में अपर आयुक्त थे. इसी पद पर रहते हुए उन्होंने इस्तीफा के लिए पत्र लिखा था.
कपिल राज इडी में आठ वर्षों तक प्रतिनियुक्ति पर थे. भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2022 में झारखंड स्थित इडी के जोनल कार्यालय का संयुक्त निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया था. वह रांची में रहने के दौरान ही संयुक्त निदेशक से अपर निदेशक के पद पर प्रोन्नत हुए थे. झारखंड में इडी के संयुक्त निदेशक के पद पर रहते हुए उन्होंने कई बड़े मामलों को उजागर किया था. उनके कार्यकाल में घोटाले में शामिल आइएएस से लेकर मंत्री तक जेल भेजे गये थे.
हालांकि हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी द्वारा की गई कार्रवाई पर झारखंड हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी की थी. सोरेन को ज़मानत देते समय कोर्ट ने ईडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे. इस कार्यवाही की निगरानी भी कपिल राज ही कर रहे थे.
रांची में रहते हुए की थी कई बड़ी कार्रवाइयां
रांची में संयुक्त निदेशक और बाद में अपर निदेशक रहते हुए कपिल राज ने अवैध खनन, भूमि घोटाला, ग्रामीण विकास में कमीशनखोरी, और मनी लाउंड्रिंग जैसे मामलों की जांच की थी. उन्होंने खूंटी में मनरेगा घोटाले की भी जांच की थी, जिसमें कई प्रभावशाली नाम सामने आए. कोलकाता में तैनाती के दौरान कपिल राज ने इसीएल घोटाले और पशु तस्करी जैसे मामलों की जांच की थी, जो राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहे थे
