Site icon Lahar Chakra

Jharkhand:राज्य गठन के 24 साल बाद भी झारखंड का अपना हेलीकॉप्टर नहीं; फिर से किराये पर लेने की तैयारी

Jharkhand:राज्य गठन के 24 साल बाद भी झारखंड का अपना हेलीकॉप्टर नहीं; फिर से किराये पर लेने की तैयारी

मंत्रिमंडल सचिवालय ने हेलीकॉप्टर किराये पर लेने के लिए निकाला टेंडर

रांची. झारखंड गठन के 24 साल बाद भी राज्य सरकार के पास अपना हेलीकॉप्टर नहीं है. अब भी किराये के हेलीकॉप्टर से काम चल रहा है. एक बार फिर किराये पर हेलीकॉप्टर लेने की तलाश शुरू हो चुकी है. इसके लिए मंत्रिमंडल सचिवालय ने हेलीकॉप्टर किराये पर लेने के लिए टेंडर आमंत्रित किया है.24 सालों में हेलीकॉप्टर के किराये के रूप में अब तक राज्य सरकार बड़ी धन राशि खर्च कर चुकी है.

हेलीकॉप्टर खरीद का टेंडर निकला, पर खरीदी नहीं जा सकी

दरअसल, नागर विमानन विभाग ने राज्य सरकार के लिए हेलीकॉप्टर की खरीद का प्रस्ताव तैयार किया था. इसके लिए टेंडर भी आमंत्रित किया गया था. परंतु, आज तक हेलीकॉप्टर की खरीद नहीं की जा सकी.

जुलाई महीने में हेलीगो कंपनी की लीज अवधि हो रही समाप्त

फिलहाल, सरकार हेलीगो कंपनी का हेलीकॉप्टर किराये पर इस्तेमाल कर रही है. जुलाई महीने में हेलीगो कंपनी की लीज अवधि समाप्त हो रही है. हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल राज्य के वीआइपी और वीवीआइपी लोगों के लिए होगा.

राज्य सरकार हर माह करीब डेढ़ करोड़ रुपये कर रही खर्च

फिलहाल, राज्य सरकार को हेलीकॉप्टर पर लगभग तीन लाख रुपए प्रति घंटे फ्लाइंग की दर से खर्च करना पड़ता है. औसतन राज्य सरकार हर महीने हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल लगभग 50 घंटा करती है. इस हिसाब से कंपनी को राज्य सरकार हर महीने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है.

कुमार मनीष,9852235588

Exit mobile version