
Ranchi. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने शनिवार को कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा ‘सिर्फ शुरुआत है और जल्द ही अन्य इस्तीफे होंगे’ जबकि कांग्रेस ने इसे ‘देश भर के करोड़ों छात्रों की जीत’ बताया। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने प्रधान की मिसाल का पालन करते हुए कांग्रेस से झारखंड लोक सेवा आयोग परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफा देने की मांग करने को कहा। झामुमो के महासचिव और पार्टी प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने पत्रकारों से कहा, “प्रधान का इस्तीफा सिर्फ शुरुआत है। जल्द ही इस्तीफों का सिलसिला शुरू होगा क्योंकि पूरी सरकार गड़बड़ियों में शामिल है। हर विभाग भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में बुरी तरह डूबा हुआ है।
देखते हैं कि केंद्रीय कैबिनेट से मंत्री कितनी तेजी से बाहर निकलते हैं।” कांग्रेस की झारखंड इकाई के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा, यह देश भर के करोड़ों छात्रों, युवाओं और उनके परिवारों के लंबे संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा, परीक्षा में घोटाले, प्रश्न पत्र लीक, शिक्षा व्यवस्था में कुप्रबंधन और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के लगातार सामने आने से आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना पड़ा। कांग्रेस के लगातार विरोध-प्रदर्शनों के बीच, प्रधान को आज अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
सिन्हा ने कहा कि प्रधान का इस्तीफा भाजपा सरकार की विफल शिक्षा नीति और ‘जवाबदेही से बचने की राजनीति’ को स्वीकार करने जैसा है। भाजपा की झारखंड इकाई के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि प्रधान ने देश, युवाओं और विद्यार्थियों के हित में स्वेच्छा से इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा, प्रधान पर कोई दबाव नहीं था। राजग सरकार के लिए राजनीति बाद में आती है और विद्यार्थियों व युवाओं के भविष्य की चिंता सबसे पहले है। हम नहीं चाहते थे कि युवा विदेशी ताकतों या देश-विरोधी ताकतों के हाथों की कठपुतली बनें।
