
- विपक्ष के तेवर सख्त, हंगामा की आशंका, विधेयक और प्रस्ताव पर होगी चर्चा,
रांची : झारखंड विधानसभा का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र शुक्रवार को शुरू हो गया है. यह सत्र 28 अगस्त तक प्रस्तावित है, हालांकि जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई भी जा सकती है. सत्र की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित करने से हुई. इससे पहले स्पीकर कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो का अभिनन्दन मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया. वहीं उन्होंने गुरुजी के संघर्ष और सोच से सभी को अवगत कराया.
विपक्ष इस सत्र में आक्रामक रुख अपनाने के मूड में है. वह सूर्या हांसदा पुलिस एनकाउंटर, राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और शराब घोटाले जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है. इसके अलावा नगड़ी में रिम्स-टू की स्थापना, गोड्डा में सूर्या हांसदा मुठभेड़ और अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लिनिक किए जाने जैसे मामलों पर भी हंगामा की संभावना है.
सत्र के दौरान कई अहम विधेयक पेश होने की उम्मीद है. इनमें झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2025, झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, 2025 और झारखंड सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (विशेष छूट) विधेयक, 2025 शामिल हैं. वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव भी लाया जा सकता है, जिससे राज्य की राजनीति में नया विमर्श शुरू होगा.
स्थगन के बाद पूरक सत्र
बता दें कि 26 जुलाई से शुरू हुआ विधानसभा का मानसून सत्र 4 अगस्त को शिबू सोरेन के निधन के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था. अब 22 अगस्त से शुरू हुआ यह सत्र उसी का पूरक है. इस दौरान शिबू सोरेन के साथ ही दिवंगत शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को भी श्रद्धांजलि दी गई. कुल मिलाकर, मानसून सत्र राज्य की राजनीति का अहम पड़ाव साबित होने वाला है. जहां सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को आगे रखेगी, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर उसे घेरने की कोशिश करेगा.
