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Jharkhand Monsoon: मानसून 12 जून को झारखंड पहुंचा, पर उसके कमजोर पड़ने कारण 60 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज, खरीफ फसल पर संकट, किसान चिंतित

Ranchi. झारखंड में कई जिलों के किसान इस वर्ष खरीफ फसल को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि जून में कम बारिश होने के कारण वे अब तक धान की बुवाई की तैयारी शुरू नहीं कर पाए हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक की स्थिति के अनुसार राज्य में 60 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है और अगर स्थिति नहीं सुधरी तो यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
कृषि विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस स्थिति से निपटने के लिए झारखंड सरकार ने पहले ही पूरे राज्य के लिए आकस्मिक सहायता योजना तैयार की हुई है।

उन्होंने कहा, कई जिलों में किसानों ने धान की बुवाई की तैयारी शुरू तक नहीं की है। जिन किसानों ने धान की पौध के लिए नर्सरी तैयार की थी, वे अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कम बारिश के कारण पौधे सूख सकते हैं।” भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने बताया कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून 12 जून को झारखंड पहुंचा था, लेकिन उसके कमजोर पड़ने कारण 23 जून तक यह राज्य के 24 में से केवल 22 जिलों तक ही पहुंच सका।

रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उपनिदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, “फिलहाल झारखंड में मानसून कमजोर है। हमें उम्मीद है कि अगले दो-तीन दिनों में यह शेष दो जिलों-गढ़वा और पलामू को भी कवर कर लेगा। 26 जून के बाद मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। राज्य में 23 जून तक औसत 122.6 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 49.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। आनंद ने कहा कि जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

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