
- नामांकन पत्रों की जांच पांच फरवरी को की जाएगी, जबकि उम्मीदवार छह फरवरी तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। चुनाव चिन्ह सात फरवरी को आवंटित किए जाएंगे।
Ranchi. झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने मंगलवार को कहा कि रांची सहित राज्य के 48 शहरी स्थानीय निकायों के लिए चुनाव 23 फरवरी को होंगे। मतगणना 27 फरवरी को की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर कहा, “राज्य में 48 शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए मतदान 23 फरवरी को एक ही चरण में होगा। उन्होंने बताया कि नामांकन प्रक्रिया 29 जनवरी से शुरू होगी और चार फरवरी तक चलेगी। तिवारी ने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच पांच फरवरी को की जाएगी, जबकि उम्मीदवार छह फरवरी तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। चुनाव चिन्ह सात फरवरी को आवंटित किए जाएंगे।
43.33 लाख से अधिक मतदाता
नौ नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के 1,087 वार्ड के चुनाव में 21.26 लाख महिलाओं सहित 43.33 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। तिवारी ने कहा, “महापौर या अध्यक्ष पदों और वार्ड पार्षदों के चुनाव सीधे तौर पर होंगे, जबकि उपमहापौर और उपाध्यक्ष का चुनाव परोक्ष रूप से होगा। झारखंड में शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) के चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्हों पर नहीं लड़े जाते हैं, बल्कि उम्मीदवारों को इन पार्टियों का समर्थन प्राप्त होता है। साल 2018 में, नगर निगमों के महापौर और उप महापौर तथा नगर परिषदों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों के लिए यूएलबी चुनाव दलीय आधार पर हुए थे। साल 2019 में सत्ता में आने के बाद, हेमंत सोरेन सरकार ने नियमों में बदलाव किया और गैर-दलीय आधार पर यूएलबी चुनाव कराने का फैसला किया। पंचायतों और छावनी क्षेत्रों को छोड़कर 48 शहरी स्थानीय निकायों में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद लागू हो गई। तिवारी ने कहा कि मतदान मतपत्रों के माध्यम से होगा और इसमें ‘नोटा’ का विकल्प नहीं होगा।
उम्मीदवारों के लिए व्यय सीमा भी निर्धारित
उन्होंने कहा कि 4,304 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा, कुल मतदान केंद्रों में से 896 को अति संवेदनशील और 2,445 को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है। आयोग ने महापौर या अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों के पद के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए व्यय सीमा भी निर्धारित की है। एसईसी की अधिसूचना के अनुसार, 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर निगमों में महापौर पद के लिए चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार 25 लाख रुपये तक खर्च कर सकता है। वहीं, 10 लाख से कम जनसंख्या वाले नगर निगमों के लिए यह सीमा 15 लाख रुपये है।
इसी प्रकार, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए व्यय सीमा नगर निकाय की जनसंख्या के अनुसार पांच लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच है।
झारखंड उच्च न्यायालय ने इससे पहले स्थानीय निकाय चुनाव कराने में देरी को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की थी। आयोग ने नवंबर 2025 में उच्च न्यायालय के समक्ष औपचारिकताओं को पूरा करने और चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करने के वास्ते आठ सप्ताह की समयसीमा का उल्लेख किया था। चौदह शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के चुनाव मई 2020 से लंबित हैं, जबकि शेष 34 यूएलबी के चुनाव अप्रैल 2023 से लंबित हैं। सभी नगर निकाय वर्तमान में सरकारी अधिकारियों के प्रशासनिक नियंत्रण में हैं।
