
जमशेदपुर।
झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल सिंहभूम की लोकसभा सांसद जोबा मांझी से मुलाकात कर रेल सेवाओं को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की। इस दौरान एसोसिएशन ने एक ज्ञापन सौंपते हुए चक्रधरपुर रेल मंडल और सिंहभूम क्षेत्र से जुड़ी रेल समस्याओं और यात्रियों की वर्षों पुरानी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में ट्रेनों की लगातार देरी, बंद हो चुकी महत्वपूर्ण रेल सेवाओं के पुनः संचालन और नई ट्रेनों की आवश्यकता जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने रखे। इसमें प्रमुख रूप से बड़बिल–राउरकेला एक्सप्रेस का पुनः संचालन शीघ्र शुरू करने की मांग की गई।
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इसके अतिरिक्त, चाईबासा से होते हुए टाटानगर, केन्दुझारगढ़, तिरुपति और कटपड़ी मार्ग से बेंगलुरु तक एक नई सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग रखी गई, जिससे क्षेत्र के यात्रियों को दक्षिण भारत की यात्रा में सुगमता हो सके।
टाटानगर से मुंबई एलटीटी के लिए एक नई नियमित ट्रेन सेवा की आवश्यकता भी जताई गई, जो पहले बंद की गई अंत्योदय एक्सप्रेस की समय सारिणी पर चलाई जा सकती है। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि इस नई ट्रेन में स्लीपर, जनरल और एसी कोचों की व्यवस्था हो, जिससे हर वर्ग के यात्री लाभान्वित हो सकें।
इसके अलावा, रांची–गुवा के बीच एक नई फास्ट मेमू सेवा, सिनी जंक्शन पर दो महत्वपूर्ण ट्रेनों (18427/28 और 22805/06) के ठहराव, और चक्रधरपुर पीट लाइन के पुनर्निर्माण की भी आवश्यकता जताई गई। साथ ही लंबी दूरी की हावड़ा–मुंबई ट्रेनों में चक्रधरपुर के लिए GNWL कोटा सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई।
सांसद जोबा मांझी ने सभी सुझावों और मांगों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि वे इन सभी विषयों को रेल मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के समक्ष शीघ्र प्रस्तुत करेंगी। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा सर्वोपरि है और क्षेत्र की रेल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल सिंहभूम की लोकसभा सांसद जोबा मांझी से मुलाकात कर रेल सेवाओं को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की। इस दौरान एसोसिएशन ने एक ज्ञापन सौंपते हुए चक्रधरपुर रेल मंडल और सिंहभूम क्षेत्र से जुड़ी रेल समस्याओं और यात्रियों की वर्षों पुरानी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में ट्रेनों की लगातार देरी, बंद हो चुकी महत्वपूर्ण रेल सेवाओं के पुनः संचालन और नई ट्रेनों की आवश्यकता जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने रखे। इसमें प्रमुख रूप से बड़बिल–राउरकेला एक्सप्रेस का पुनः संचालन शीघ्र शुरू करने की मांग की गई।
इसके अतिरिक्त, चाईबासा से होते हुए टाटानगर, केन्दुझारगढ़, तिरुपति और कटपड़ी मार्ग से बेंगलुरु तक एक नई सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग रखी गई, जिससे क्षेत्र के यात्रियों को दक्षिण भारत की यात्रा में सुगमता हो सके।
टाटानगर से मुंबई एलटीटी के लिए एक नई नियमित ट्रेन सेवा की आवश्यकता भी जताई गई, जो पहले बंद की गई अंत्योदय एक्सप्रेस की समय सारिणी पर चलाई जा सकती है। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि इस नई ट्रेन में स्लीपर, जनरल और एसी कोचों की व्यवस्था हो, जिससे हर वर्ग के यात्री लाभान्वित हो सकें।
इसके अलावा, रांची–गुवा के बीच एक नई फास्ट मेमू सेवा, सिनी जंक्शन पर दो महत्वपूर्ण ट्रेनों (18427/28 और 22805/06) के ठहराव, और चक्रधरपुर पीट लाइन के पुनर्निर्माण की भी आवश्यकता जताई गई। साथ ही लंबी दूरी की हावड़ा–मुंबई ट्रेनों में चक्रधरपुर के लिए GNWL कोटा सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई।
सांसद जोबा मांझी ने सभी सुझावों और मांगों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि वे इन सभी विषयों को रेल मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के समक्ष शीघ्र प्रस्तुत करेंगी। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा सर्वोपरि है और क्षेत्र की रेल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
