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Jamshedpur: बागबेड़ा में सरकारी संपत्तियों की अवैध खरीद-बिक्री,अतिक्रमण एवं अवैध भवन निर्माण,फिर भी झारखंड राज्य आवास बोर्ड प्रशासन खामोश!

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Jamshedpur: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा आम बात बन कर रह गई है,सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा के बिंदु पर कानून के रखवाले झारखंड सरकार से मोटी-मोटी रकम वेतन के रूप में वसूलते हैं पर सरकारी भूमि का अतिक्रमण एवं सरकारी भूमि की सुरक्षा पर खामोश एवं असहाय दिखते है. जिससे जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड में सरकारी भूमि का अतिक्रमण एवं अवैध खरीद-बिक्री और निर्माण आम बात बनकर रह गई है.

क्या सिस्टम की मिलीभगत में झारखंड राज्य आवास बोर्ड की खाली पड़ी भूमि पर चल रहा अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण कार्य का खेल?

जमशेदपुर स्थित बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर-5 , पुराना शिव मंदिर के समीप झारखंड राज्य आवास बोर्ड की सार्वजनिक प्रयोग के लिए खाली छोड़ी गई सरकारी भूमि पर अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण की सप्रमाण सूचना देने पर झारखंड राज्य आवास बोर्ड के जमशेदपुर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता एवं कनीय अभियंता स्थल निरीक्षण में पाए कि यहां झारखंड राज्य आवास बोर्ड की खाली पड़ी सार्वजनिक प्रयोग वाली भूमि पर किसी व्यक्ति विशेष द्वारा अतिक्रमण एवं खरीद-बिक्री कर अवैध निर्माण कराया जा रहा है.

इस संदर्भ में कनीय अभियंता का कहना है कि झारखंड राज्य आवास बोर्ड के जमशेदपुर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा दो बार उपरोक्त स्थल पर अवैध निर्माण को रोकने के लिए बागबेड़ा थाना को लिखित शिकायत पत्र दिया गया है, इसके बावजूद उपरोक्त स्थल पर अवैध निर्माण जारी है.

हालांकि इस संदर्भ में जब झारखंड राज्य आवास बोर्ड,जमशेदपुर प्रमंडल के कनीय अभियंता से थाना को उपलब्ध कराए गए शिकायत पत्र की प्रति मांगी गई तो उन्होंने अब तक उपलब्ध नहीं कराया.

स्थानीय लोगों का मानना है कि उपरोक्त अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण को संरक्षण देने में झारखंड राज्य आवास बोर्ड, जमशेदपुर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता से लेकर कनीय अभियंता एवं बागबेड़ा थाना की भूमिका संदिग्ध है एवं जांच के दायरे में है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि झारखंड राज्य आवास बोर्ड के द्वारा सार्वजनिक उद्देश्य के लिए खाली छोड़ी गई बागबेड़ा कॉलोनी में कई सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा अधिकारियों एवं थाना के मिली भगत से कर लिया गया है,लेकिन प्रशासन अब तक चुप है.

स्थानीय लोग बताते हैं कि जिस जमीन पर बच्चों के खेलने के लिए पार्क था, जहां जनता की सुविधा के लिए सरकारी प्रोजेक्ट आने थे, आज वहां अवैध दीवार खड़ी है.

झारखंड राज्य आवास बोर्ड और बागबेड़ा थाना के संज्ञान में मामला होने के बाद भी आज तक सरकारी भूमि पर अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण जारी है.
अब देखना है कि झारखंड राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक एवं अन्य संबंधित जिम्मेदार पदाधिकारी सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाने हेतु क्या कदम उठा पाते हैं ?

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