
Jamshedpur News: जमशेदपुर में झारखंड राज्य आवास बोर्ड के अफसरों की सांठगांठ अथवा लापरवाही से झारखंड राज्य आवास बोर्ड की खाली पड़ी सरकारी जमीन को बेच रहे भू-माफिया.
झारखंड में जल,जंगल और जमीन के नाम पर राज्य में हमेशा सियासत होती रही है,लेकिन सच्चाई यह भी है कि इस प्रदेश में जल,जंगल और जमीन की लूट अब भी बदस्तूर जारी है. सरकारी अधिकारियों और भू-माफियाओं की सांठगांठ से इसे और बढ़ावा मिल रहा है.
भू-माफिया बागबेड़ा कॉलोनी,जो झारखंड राज्य आवास बोर्ड की भूमि पर अवस्थित है वहां के आवंटनधारियों के सार्वजनिक प्रयोग एवं सामाजिक जरूरतों के लिए छोड़ी गई सरकारी भूमि को 15 से 20 लाख रुपए प्रति कट्ठा के हिसाब से अवैध बिक्री कर रहे हैं.
झारखंड राज्य आवास बोर्ड के द्वारा बागबेड़ा कॉलोनी वासियों की सुविधा के लिए कई खेल का मैदान के लिए भी जगह छोड़ा था, जिस पर अब बड़े-बड़े पक्का अवैध भवन देखे जा सकते हैं,
बागबेड़ा कॉलोनी स्थित भूमि माफिया का मनोबल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि झारखंड राज्य आवास बोर्ड द्वारा जन सुविधा के लिए बनाए गए दर्जनों मैला टंकी तथा नालों का भी भूमि माफिया द्वारा अतिक्रमण कर पक्का भवन निर्माण करा लिया गया है,जिसके कारण बागबेड़ा कॉलोनी स्थित झारखंड राज्य आवास बोर्ड के 1140 क्वार्टरों का गंदा पानी एवं मल-मूत्र मुख्य सड़क अथवा बचे-खुचे कुछ नाली में जाता है.
बागबेड़ा कॉलोनी के भूमि माफिया अधिकारियों के मौन समर्थन पाकर जल स्रोत के लिए बने दर्जनों कुआ को ढककर तथा सरकारी चापाकल को उखाड़ कर बेधड़क सरकारी जमीन को बेचने में सफल रहे हैं.
सूत्र बताते हैं कि सरकारी अधिकारी और भू-माफियाओं की सांठगांठ से ही झारखंड राज्य आवास बोर्ड की खाली पड़ी सरकारी जमीन धड़ल्ले से बेची जा रही है. सरकारी जमीन को बचाने या इसकी निगरानी के लिए कोई तंत्र नहीं है. झारखंड राज्य आवास बोर्ड के अधिकारी जनता से मिली शिकायत पर भी कठोर कार्रवाई नहीं करते हैं. ऐसे मामलों में कभी-कभी कार्रवाई कर वे अपने दायित्व को निभाने का दिखावा भर करते हैं.
Kumar Manish,9852225588
