
Ranchi. छह फरवरी 2022 को शाम करीब पांच बजे रूपेश पांडेय अपने चाचा के साथ बरही में सरस्वती पूजा देखने गया था. विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़ ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. अब चार साल पुराने बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को तीन दोषियों मो असलम अंसारी उर्फ असलम उर्फ पप्पू मियां, मो कैफ और मो गुरफान को आजीवन कारावास की सजा सुनायी.
तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. फैसले के दौरान अभियुक्तों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया. गौरतलब है कि दो फरवरी को मामले में पांच आरोपियों की सजा पर सुनवाई हुई थी. इनमें तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया था, जबकि दो अन्य आरोपी मो इरफान और इश्तेखार मियां को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया था.
मामले में एक नाबालिग आरोपी की सुनवाई जेजे बोर्ड में लंबित है. सुनवाई के दौरान सीबीआइ की ओर से वरीय लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह ने अदालत में 15 गवाह प्रस्तुत किये. आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चला.
