
Ranchi. झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने मंगलवार को कहा कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नाम हटाए जाने के खिलाफ दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। हालांकि, संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 19 अक्टूबर ही रहेगी। यह मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की समय-सीमा का दूसरा विस्तार था। शुरुआत में नाम हटाए जाने के खिलाफ दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि पांच अगस्त से चार सितंबर तक थी और अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को प्रकाशित की जानी थी। बाद में निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी, जबकि संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख बढ़ाकर 19 अक्टूबर कर दी गई।
कुमार ने कहा, ‘मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने पहले एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा चार सितंबर से बढ़ाकर 15 सितंबर की थी। विभिन्न पक्षों से मिले अनुरोधों और जमा किए जा रहे फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 आवेदनों की संख्या को देखते हुए अब इस समयसीमा को अंतिम बार बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ऐसे भारतीय नागरिक, जिनकी आयु एक अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष हो जाएगी और जिनके नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें इस अवसर का लाभ उठाते हुए निर्धारित अवधि के भीतर फॉर्म-6 भरना चाहिए।
फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज करा सकते हैं लोग
उन्होंने कहा, लोग मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज करा सकते हैं और अपने नाम संबंधित मतदान केंद्र में स्थानांतरित कराने या मौजूदा प्रविष्टियों में सुधार के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल कर सकते हैं। सोमवार तक फॉर्म-6 के तहत करीब 4.86 लाख आवेदन, फॉर्म-7 के तहत 5,689 आपत्तियां और फॉर्म-8 के तहत 3.11 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं।
43.61 लाख नाम हटाने के बाद प्रकाशित की थी मसौदा मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग ने पांच अगस्त को झारखंड में 43.61 लाख नाम हटाने के बाद मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की थी। एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में 2.64 करोड़ मतदाता थे। इसके बाद तैयार मसौदा मतदाता सूची में 2.21 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 1.12 करोड़ पुरुष, 1.08 करोड़ महिलाएं और 260 उभयलिंगी मतदाता शामिल हैं। नामांकन संबंधी गणना प्रक्रिया 30 जून से 29 जुलाई के बीच कराई गई थी।
