Site icon Lahar Chakra

Jharkhand: संरक्षित वन के पास खनन पर सख्ती, Highcourt ने एक किमी के भीतर Stone Mining और Stone Crushers संचालन की अनुमति देने पर लगायी रोक

Ranchi.झारखंड हाइकोर्ट ने संरक्षित वन क्षेत्रों के आसपास खनन और क्रशर संचालन पर कड़ा रुख अपनाया है। जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि संरक्षित वन की सीमा से एक किलोमीटर के दायरे में पत्थर खदानों और क्रशर की अनुमति पर रोक लगा दी है।

 टीएन गोदावर्मन थिरुमुलपाद बनाम भारत संघ मामले में हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों के चारों ओर कम से कम एक किलोमीटर का इको-सेंसिटिव जोन होना अनिवार्य है। इसी को मद्येनजर रखते हुए झारखंड हाइकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।

हाइकोर्ट ने राज्य प्रदूषण बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह उन सभी स्टोन क्रशरों और खदानों की सूची तैयार करे, जिन्हें इस दायरे में पहले ही अनुमति दी जा चुकी है। बोर्ड को इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने और 27 फरवरी 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च 2026 को निर्धारित है।

Exit mobile version