
Ranchi. झारखंड से हाल के दिनों में इंडियन मुजाहिद्दीन, हिज्ब-उत-तहरीर, अलकायदा इंडियन सबकाउंटिनेट मॉड्यूल और आईएसआईएस के स्लीपर सेल भी गिरफ्तार किए गए हैं. रांची एटीएस अब दानिश से झारखंड से जुड़े संभावित संबंधों की जानकारी जुटा रही है. यह मामला आतंकवाद रोधी एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है. गिरफ्तार आतंकियों और उनके मास्टरमाइंड दानिश के खुलासे से सुरक्षा एजेंसियों को अन्य संभावित स्लीपर सेल और आतंक फैलाने वाले नेटवर्क की जानकारी मिलने की उम्मीद है. दानिश रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र के पत्थलकुदवा स्थित न्यू तबारक लॉज में खुद को छात्र बताकर रह रहा था.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने झारखंड समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से पकड़े गये आइएसआइएस के आतंकवादियों से तीन घंटे तक पूछताछ की. पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सिग्नल ऐप पर एक ग्रुप में जुड़े हुए थे, जिसमें कुल 40 लोग सक्रिय थे. यह नेटवर्क देशभर में फैलने वाला एक बड़ा मॉड्यूल था, जो सक्रिय होने से पहले ही पकड़ा गया. मास्टरमाइंड अशहर दानिश आईईडी बम बनाने में माहिर है और वह अपने ग्रुप के सदस्यों को बम बनाने की ट्रेनिंग देना चाहता था.
गिरफ्तार आतंकियों में से कुछ फिदायीन बनने के लिए तैयार थे और सुसाइड जैकेट बनाकर हमले के बाद खुद को भी मारने की योजना बना रहे थे. दानिश ने अन्य आतंकियों को अपने निर्देशानुसार काम करने के लिए जोड़ा था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि
