
Ranchi. झारखंड में आदिवासी संगठनों के एक धड़े ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित परिसीमन के विरोध में 30 अगस्त को यहां ‘आदिवासी एकता महाजुटान’ रैली आयोजित करने की शुक्रवार को घोषणा की। इन संगठनों ने दावा किया कि परिसीमन के नाम पर लोकसभा और विधानसभा में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित सीट की संख्या कम करने की कोशिश की जा रही है।
आदिवासी एकता महाजुटान’ रैली के संयोजक लक्ष्मी नारायण मुंडा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘झारखंड में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा और लोकसभा की सीट में किसी भी तरह की कमी हमें स्वीकार नहीं होगी। परिसीमन के नाम पर आदिवासी सीट को कम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा में वर्तमान सीट की संख्या 1971 की जनगणना के आधार पर तय की गई है।
उन्होंने कहा कि संसद द्वारा पारित परिसीमन कानून के तहत झारखंड समेत पूरे देश में सीट के पुनर्गठन को 2026 तक यथावत रखा गया था।
मुंडा ने कहा, “हमें आशंका है कि केंद्र इस साल परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।”
इस बीच, आदिवासी संगठनों के एक अन्य धड़े ने प्रस्तावित रैली का विरोध किया और आरोप लगाया कि इसके पीछे एक विशेष धार्मिक समूह के हित जुड़े हैं।
