Ranchi. केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुरुवार को 17 अप्रैल को झारखंड की राजधानी रांची के नामकुम में 220 बिस्तरों वाले नव विकसित ईएसआईसी अस्पताल का उद्घाटन किया. यह अत्याधुनिक अस्पताल झारखंड राज्य में कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है. इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के साथ-साथ प्रदीप वर्मा, सांसद (राज्यसभा); राजेश कच्छप, विधायक, खिजरी, रांची और ईएसआईसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

दावों का त्वरित होगा निपटान
उन्होंने कहा कि दावों के त्वरित निपटान के कारण धनराशि शीघ्र ही लाभार्थी के बैंक खाते में उपलब्ध हो जाएगी.मांडविया ने बताया कि ईपीएफओ के पास वर्तमान में ‘सरकार की गारंटी’ के साथ 27 लाख करोड़ रुपये का कोष है और वह 8.25 प्रतिशत ब्याज देता है.पहले से लागू केंद्रीयकृत पेंशन भुगतान प्रणाली से 78 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को लाभ मिलता है, क्योंकि इससे उन्हें देश भर में किसी भी बैंक खाते में पेंशन प्राप्त करने की सुविधा मिलती है, तथा इससे पहले नामित क्षेत्रीय बैंकों में खाते रखने की आवश्यकता समाप्त हो गई है.मंत्री ने कहा कि सरकार पेंशन कवरेज को सुव्यवस्थित और मजबूत करने के लिए अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना और श्रमिक जन धन योजना सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के एकीकरण पर भी विचार कर रही है.
ईएसआईसी पर भी बोले केंद्रीय मंत्री
मांडविया ने श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा सुलभ कराने के लिए कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के लाभार्थी जल्द ही आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा उपचार प्राप्त कर सकेंगे. इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करने के लिए नामित निजी परमार्थ अस्पतालों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा. मौजूदा समय में ईएसआईसी 165 अस्पतालों, 1,500 से अधिक औषधालयों और लगभग 2,000 सूचीबद्ध अस्पतालों के माध्यम से लगभग 18 करोड़ लोगों को मुफ्त चिकित्सा प्रदान करता है.