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Jindal Steel Plant: जिंदल स्टील ने अंगुल संयंत्र में शुरू की पहली ‘गैल्वनाइजिंग लाइन’, विभिन्न उद्योगों को ये होगा फायदा

New Delhi. जिंदल स्टील ने अंगुल संयंत्र में अपनी पहली ‘गैल्वनाइजिंग लाइन’ चालू करने की सोमवार को घोषणा की. इससे लेपित (कोटेड) उत्पादों की आपूर्ति में वृद्धि होगी जिससे उपकरण, मोटर वाहन, बुनियादी ढांचे और निर्माण सहित विभिन्न उद्योगों की जरूरतें पूरी हो सकेंगी.‘कोटेड गैल्वनाइजिंग लाइन 1’ (सीजीएल 1) को ओडिशा के अंगुल में कंपनी की इस्पात विनिर्माण सुविधा में मौजूदा कई करोड़ रुपये की निवेश योजना के तहत स्थापित किया गया है.
जिंदल स्टील ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया, नई लाइन जिंदल पैंथर गैल्वनाइज्ड और जिंकल्यूम ब्रांड के तहत गैल्वनाइज्ड एवं गैल्वेनाइज्ड उत्पादों का उत्पादन करेगी. यह उपकरण, मोटर वाहन, बुनियादी ढांचे और निर्माण सहित विभिन्न उद्योगों की जरूरतों को पूरा करेगी. कंपनी के चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा कि ‘गैल्वनाइजिंग लाइन’ का चालू होना विविध उद्योग आवश्यकताओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले एवं मूल्यवर्धित इस्पात उत्पाद प्रदान करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
क्या है ‘कोटेड गैल्वनाइजिंग लाइन’
‘कोटेड गैल्वनाइजिंग लाइन’ से तात्पर्य उस औद्योगिक प्रक्रिया से है जिसमें धातु आमतौर पर इस्पात को जंग से बचाने के लिए उस पर जस्ते की सुरक्षात्मक परत चढ़ाई जाती है. इस प्रक्रिया को ‘गैल्वनाइजिंग’ कहा जाता है. इसे सतत उत्पादन ‘लाइन’ पर अंजाम दिए जाने पर इसे ‘गैल्वनाइजिंग लाइन’ कहा जाता है. यहां ‘कोटेड’ से तात्पर्य धातु पर सुरक्षात्मक परत चढ़ाने से है.

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